GST पारित कराने की मुहिम में जुटी सरकार, जेटली ने की गुलाम नबी से बात
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सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में सरकार हर हाल में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का बेड़ा पार लगाने की मुहिम में जुट गई है।
इस कड़ी में सूचना एवं प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू के बाद शुक्रवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली और नए संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा से मुलाकात की।
बताते हैं कि इस मुद्दे पर गतिरोध दूर करने के लिए सरकार के रणनीतिकार कांग्रेस की ओर से आए सुझाव पर मंथन करने में जुटे हैं। इसके अलावा सरकार के रणनीतिकारों के टीम के सदस्य अलग-अलग अन्य दलों से भी लगातार संपर्क साध रहे हैं।
लचीली हुई कांग्रेस
सरकार के रणनीतिकारों का दावा है कि करीब-करीब सभी विपक्षी दलों की ओर से बिल को समर्थन के संकेत के बाद कांग्रेस का रुख भी थोड़ा लचीला हुआ है। गौरतलब है कि जदयू, सपा, बसपा, टीएमसी, बीजेडी जैसे कई दल बिल का समर्थन करने के लिए राजी हैं।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि पहले कांग्रेस की मुख्य मांग जीएसटी दरों को संविधान का हिस्सा बनाने की थी। इसके लिए सरकार के साथ-साथ कई विपक्षी दल भी राजी नहीं थे। अब विमर्श जीएसटी दरों सहित कुछ अन्य सुझावों पर हो रहा है।
ये सुझाव ऐसे नहीं है जिससे सरकार की परेशानी बढ़े। ऐसे में जीएसीटी पर सहमति का रास्ता तैयार होता दिख रहा है। वैसे भी सत्र शुरू होने से पहले संभवत: रविवार को खुद प्रधानमंत्री जीएसटी पर विपक्षी दलों का मन टटोलेंगे। इसके अलावा सरकार के रणनीतिकार अन्य दलों के लगातार संपर्क में हैं।