Sandeshkhali: संदेशखाली जाने से रोके जाने पर भड़का भाजपा प्रतिनिधिमंडल, कहा- SC से अनुमति लेकर करेंगे दौरा
प्रतिनिधिमंडल की सदस्य अन्नपूर्णा देवी ने राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद कहा कि हमें आज संदेशखाली की यात्रा करने से रोक दिया गया। हमें वहां से वापस आना पड़ा। हम अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे, याचिका में हम आग्रह करेंगे कि हमें संदेशखाली जाने की अनुमति दी जाए।
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पश्चिम बंगाल का संदेशखाली इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। इस बीच, भाजपा के प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि हम अब सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेने के बाद, क्षेत्र में प्रदर्शनकारी महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से बात करेंगे। बता दें, शुक्रवार को प्रतिनिधिमंडल को क्षेत्र का दौरा करने से रोक दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की।
एससी से मांगेंगे क्षेत्र में जाने की अनुमति
प्रतिनिधिमंडल की सदस्य अन्नपूर्णा देवी ने राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद कहा कि हमें आज संदेशखाली की यात्रा करने से रोक दिया गया। हमें वहां से वापस आना पड़ा। हम अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे, याचिका में हम आग्रह करेंगे कि हमें संदेशखाली जाने की अनुमति दी जाए। हम निश्चित रूप से वहां जाएंगे। वहां, टीएमसी के गुंडों द्वारा महिलाओं, बच्चे और नवविवाहित दुल्हनों पर अत्याचार किया जा रहा है। हम वहां के अत्याचारों को उजागर करेंगे। संदेशखाली के लोगों को न्याय मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेगा और उन्हें संदेशखाली की घटनाओं की जानकारी देगा।
पुलिस भी अपना काम नहीं कर रहीं
अन्नपूर्णा ने राज्य पुलिस को उत्पीड़क बताया है। उन्होंने कहा कि हम अपनी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंपेंगे। अब बताएंगे कि पुलिस अपना काम नहीं कर रही है। पुलिस वर्दी में टीएमसी के गुंडों की तरह काम कर रही है। टीएमसी कार्यकर्ता बन गए हैं। पुलिस का काम लोगों को सुरक्षा मुहय्या कराना है। पुलिस रक्षक बनने की बजाए उत्पीड़क बन गई है।
राज्यपाल घटना से दुखी हैं
अन्नपूर्णा ने कहा कि संदेशखाली की महिलाएं डर के मारे कुछ नहीं बोल पा रही हैं। जब हम रामपुर में थे और उनसे वीडियो कॉल पर बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्यपाल इस घटना से दुखी हैं। हमने राज्यपाल को सारी जानकारी दी और वह भी इस घटना से दुखी हैं। उन्होंने राज्य सरकार को इस घटना पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
हम न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे
भाजपा सांसद का कहना है कि यह देखना दिल दहला देने वाला है कि एक महिला मुख्यमंत्री साथी महिलाओं पर इतना अत्याचार कैसे बर्दाश्त कर सकती हैं। यहां कानून व्यवस्था की स्थिति भयानक है, लोग दीदी से आतंकित हैं। यह कल्पना करना कठिन है कि एक महिला मुख्यमंत्री साथी महिलाओं पर इस तरह का अत्याचार करेगी। भाजपा उनके साथ न्याय करेगी। वहीं, प्रतिनिधिमंडल की सदस्य संगीता यादव ने कहा कि मैंने ऐसी हिंसा के बारे में केवल सुना था लेकिन आज मैंने इसे देखा। राज्यपाल खुद नाखुश हैं। हम उन्हें न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य दुग्गल ने कहा कि यहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए। एक महिला होने के बावजूद, ममता बनर्जी उनके दुखों को नहीं समझ सकती। क्या इससे बुरा या अधिक दुर्भाग्यपूर्ण कुछ हो सकता है?
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन का कहना है कि पश्चिम बंगाल में कोई सरकार नहीं है। भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला हो रहा है। हम कोर्ट जाएंगे। लोकसभा चुनाव में जनता इस अत्याचार का जवाब देगी। पश्चिम बंगाल में जंगलराज व्याप्त है।
एससी आयोग ने की बंगाल में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने संदेशखाली में महिलाओं के उत्पीड़न पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। आयोग के प्रमुख अरुण हलदर ने कहा कि आयोग ने रिपोर्ट में बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है। आयोग के एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को संदेशखाली का दौरा किया था, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपना दर्द बयां किया था।
एनसीपीसीआर ने बच्चे को फेंके जाने की जांच की मांग की
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने हिंसा प्रभावित संदेशखाली में बदमाशों की ओर से एक बच्चे को फेंके जाने की रिपोर्ट पर संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर मामले की शीघ्र जांच के लिए कहा गया है।
शुभेंदु ने हाईकोर्ट से संदेशखाली का दौरा करने की अनुमति मांगी
बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया और राज्य सरकार को निर्देश देने की मांग की कि उन्हें अशांति प्रभावित संदेशखाली का दौरा करने की अनुमति दी जाए। पुलिस ने बृहस्पतिवार को दूसरी बार उन्हें वहां जाने से रोका था।
अधीर रंजन को भी जाने से रोका
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन को शुक्रवार को पुलिस ने संदेशखाली जाने से रोक दिया। नाराज कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा और तृणमूल दोनों ही राज्य में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की फिराक में हैं।