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बांकीपुर उपचुनाव: साख, समीकरण और रणनीति की निर्णायक जंग; भाजपा के अभेद्य गढ़ में प्रशांत किशोर का दांव

Mon, 06 Jul 2026 06:32 AM IST
अमन तिवारी कुमार निशांत
कुमार निशांत Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 06 Jul 2026 06:32 AM IST
सार

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव बिहार की राजनीति का अहम टेस्ट बन गया है। यहां 30 जुलाई को वोटिंग और तीन अगस्त को नतीजे आएंगे। यह चुनाव भाजपा के मजबूत किले, नितिन नवीन की विरासत और प्रशांत किशोर के जन सुराज की पहली बड़ी परीक्षा है।

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Bihar: Bankipur bypoll Prashant Kishor and Nitin Nabin BJP vs Jan Suraaj
भाजपा के सामने प्रशांत किशोर की चुनौती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव अब बिहार की राजनीति का टेस्ट केस बनता जा रहा है। 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना के साथ यह मुकाबला भाजपा की संगठनात्मक ताकत, नितिन नवीन की राजनीतिक विरासत और प्रशांत किशोर के प्रयोग तीनों की एकसाथ परीक्षा में बदल गया है।
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यह सीट दशकों से भाजपा का मजबूत किला रही है। नितिन नवीन यहां से लगातार पांच बार विधायक रहे हैं जबकि उनसे पहले उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद चार बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन के राज्यसभा जाने से खाली हुई इस सीट पर अब पार्टी के सामने गढ़ बचाने की चुनौती है  और यह चुनौती सामान्य नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक भी है। यहां 30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को नतीजे आएंगे।
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पीके का करो या मरो दांव
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) का चुनावी मैदान में उतरना इस उपचुनाव को असाधारण बनाता है। अब तक पर्दे के पीछे रणनीति गढ़ने वाले पीके पहली बार सीधे जनादेश मांग रहे हैं। यह चुनाव उनके लिए सिर्फ राजनीतिक शुरुआत नहीं बल्कि विश्वसनीयता की निर्णायक परीक्षा है।
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विपक्ष की उलझन, भाजपा की बढ़त
राजद और कांग्रेस जैसे दलों के सामने यह चुनाव रणनीतिक दुविधा लेकर आया है। क्या वे प्रशांत किशोर के साथ खड़े होंगे या मुकाबला त्रिकोणीय बनेगा? अगर विपक्ष बिखरा तो इसका सीधा फायदा भाजपा को मिल सकता है। हालांकि, स्थानीय असंतोष और एंटी-इंकंबेंसी ऐसे कारक हैं, जिन्हें विपक्ष भुनाने की कोशिश करेगा।


नितिन फैक्टर और संगठन की परीक्षा
बांकीपुर में नितिन नवीन का व्यक्तिगत प्रभाव और भाजपा का बूथ स्तर तक फैला संगठन इस चुनाव की धुरी है। सबसे अहम सवाल यही है कि क्या नितिन का प्रभाव पूरी तरह वोट में ट्रांसफर हो पाएगा।
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