फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   big opportunity for nation because ISRO is launches its 100th Satellite Cartosat-2

ISRO ने लगाई अंतरिक्ष में सैटेलाइट की 'सेंचुरी', PM बोले- देशवासियों को मिलेगा फायदा

Fri, 12 Jan 2018 11:13 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिकोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिकोटा Updated Fri, 12 Jan 2018 11:13 AM IST
विज्ञापन
big opportunity for nation because ISRO is launches its 100th Satellite Cartosat-2
ISRO PSLV - फोटो : PTI

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) ने इतिहास रचते हुए अपना 100वां सैटेलाइट लॉन्च कर दिया है। पीएसएलवी श्रृंखला के सैटेलाइट का नाम कार्टोसैट-2, है। इस सैटलाइन को 'आई इन द स्काइ' के नाम से भी जाना जा रहा है, क्योंकि ये अतंरिक्ष से तस्वीरें लेने के लिए ही बनाया गया है। खास बात है कि ये पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर पैनी नजर बनाए रखेगा। 

विज्ञापन


ये लॉन्चिंग भारत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले पीएसएलवी-39 मिशन फेल हो गया था और भारतीय वैज्ञानिकों ने एक बार फिर इसकी मरमत करेक फिर से लॉन्च किया। दरअसल, एक मिशन को मरमत करके फिर से लॉन्च करना बहुत बड़ी बात होती है।
विज्ञापन


सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग पर पीएम मोदी ने इसरो को बधाई दी है। पीएम ने इस नए साल का तोहफा करार देते हुए कहा कि तकनीकी में ये बदलाव देश के नागरिकों, किसानों और मछुआरों की मदद में सहयोगी देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन





 


इसरो का 100वां सैटेलाइट कार्टोसैट-2 शृंखला का मौसम उपग्रह और 30 अन्य उपग्रह शुक्रवार सुबह नौ बजकर 28 मिनट पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लांच हुआ। इसरो ने बताया कि 44.4 मीटर लंबे राकेट पीएसएसवी-40 से लांच होने वाले इन उपग्रहों में कार्टोसैट-2, भारत का एक नैनो सैटेलाइट, एक माइक्रो सैटेलाइट और 28 विदेशी उपग्रह शामिल हैं। विदेशी उपग्रहों में कनाडा, फिनलैंड, कोरिया, फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका के  25 नैनो और तीन माइक्रो सैटेलाइट शामिल हैं। 

इन सभी 31 सैटेलाइट का वजन 1323 किलोग्राम है। सभी सैटेलाइट को लांच करने की व्यवस्था इसरो और उसकी व्यवसायिक शाखा अंतरिक्ष कारपोरेशन लिमिटेड ने संभाली है। इसरो के अधिकारियों के मुताबिक 30 सैटेलाइट को 505 किलोमीटर की सूर्य की समकालीन कक्ष (एसएसओ) में प्रक्षेपित किया जाएगा। एक माइक्रो सैटेलाइट 359 किलोमीटर की एसएसओ में स्थापित किया जाएगा। इस पूरे लांच में दो घंटे 21 सेकेंड का वक्त लगेगा। 


उच्च कोटि की तस्वीरें भेजेगा कार्टोसैट-2 कार्टोसैट का मुख्य मकसद उच्च गुणवत्ता की तस्वीरें भेजना है। इसका इस्तेमाल नक्शे बनाने में किया जाएगा। इसमें मल्टी स्पेक्ट्रल कैमरे लगे हुए हैं। इससे तटवर्ती इलाकों, शहरी-ग्रामीण क्षेत्र, सड़कों और जल वितरण आदि की निगरानी की जा सकेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed