कार्यकारिणी के जरिए राष्ट्रवाद का अलख जगाएगी भाजपा
- बजट के समर्थन में पारित होगा प्रस्ताव
- राजनीतिक प्रस्ताव में झलकेगा भाजपा का राष्ट्रवाद
- भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आज से
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आज से शुरू हो रही भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी मिशन उत्तर प्रदेश का तानाबाना बुनेगी। इस दौरान अप्रैल-मई में पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी असम और केरल पर विशेष चर्चा करेगी। बैठक में पार्टी संगठन महासचिव रामलाल और महासचिव भूपेंद्र यादव द्वारा तैयार राजनीतिक और हाल ही में संसद में पेश आम बजट पर प्रस्ताव पारित करेगी। राजनीतिक प्रस्ताव में जहां पार्टी के राष्ट्रवाद की झलक देखने केलिए मिलेगी, वहीं बजट प्रस्ताव में गांवों और गरीबों केलिए किए गए प्रावधानों को देश भर में पहुंचाने का आह्वान किया जाएगा।
बैठक की शुरुआत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के अध्यक्षीय भाषण से होगा, जबकि हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समापन भाषण कार्यकारिणी की बैठक संपन्न हो जाएगी। गौरतलब है कि शाह का अध्यक्ष पद पर तीन साल के पूर्ण कार्यकाल के लिए हुए चुनाव के बाद पार्टी की यह पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी।
भाजपा शनिवार से शुरू हो रही कार्यकारिणी की बैठक के जरिए राष्ट्रवाद का अलख जाएगी। इस क्रम में राजनीतिक प्रस्ताव पेश होने के बाद जेएनयू प्रकरण और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भारत माता की जय न बोलने संबंधी बयान पर जम कर चर्चा होगी। पार्टी अध्यक्ष शाह अपने भाषण में भी प्रमुखता से न केवल इस मुद्दे को उठाएंगे, बल्कि प्रस्ताव के साथ-साथ अपने भाषण में भी इस मुद्दे को देश भर में ले जाने का आह्वान करेंगे। इसके अलावा पार्टी आम बजट पर भी एक प्रस्ताव पारित करेगी।
इसमें बजट में गांव, गरीब केलिए किए गए प्रावधानों को लोगों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। साथ ही पार्टी नेतृत्व मोदी सरकार की अहम और लोकप्रिय योजनाओं के प्रसार प्रचार की रणनीति भी बनाएगी।
पीएम नहीं है खुश
यूं तो अप्रैल मई में 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, मगर भजापा की निगाहें असम और केरल पर टिकी है। पार्टी को जहां असम में सरकार बनने की उम्मीद है, वहीं उसके लिए केरल में बड़ी ताकत बन कर उभरने का मौका भी है। यही कारण है कि कार्यकारिणी की बैठक में इन्हीं दो राज्यों की चुनावी रणनीति पर मुख्य रूप से चर्चा होगी।