कल होगा केंद्रीय कैबिनेट का विस्तार, जानिए कौन-कौन हो सकते हैं नए चेहरे, किसकी हुई छुट्टी
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केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार रविवार सुबह 10 बजे हो जाएगा। माना जा रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले मंत्रीमंडल का यह आखिरी विस्तार होगा, ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी इस बार टीम को पूरी तरह मजबूत करना चाहेंगे जो आम चुनावों में उनकी वापसी की राह आसान कर सकें। इसी बीच केंद्रीय उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने भी मंत्रीमंडल से इस्तीफा दे दिया है।
National Pres called me & asked me to meet the PM. I finally typed it & handed over to him yesterday: Kalraj Mishra on his resignation pic.twitter.com/8sLh7R1dmB
— ANI (@ANI) September 2, 2017विज्ञापन
ये हैं वो नाम जो हो सकते हैं केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल:-
अनुराग ठाकूर, भूपेंद्र यादव या ओम माथुर, प्रहलाद जोशी, विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रह्लाद पटेल, हरीश द्विवेदी और अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरई, वी मैत्रेयन प्रमुख तौर पर शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ दर्जन नए चेहरों को जगह मिलेगी और लगभग एक दर्जन मंत्रियों की विदाई भी होगी। 4 साल में तीसरी बार हो रहे फेरबदल में 18 से 30 मंत्रियों के मंत्रालयल बदलेंगे। अरसे से खाली पड़े पदों को भरने के साथ ही कई मंत्रियों के विभाग भी बदले जाएंगे।
पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान सहित छह राज्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री के रूप में तरक्की भी मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इसके लिए मंत्रियों के तीन साल के कामकाज और चुनावी राज्यों के समीकरण को आधार बनाया है।
मई, 2014 में सत्ता संभालने के बाद से मोदी सरकार का यह तीसरा और 2019 के आम चुनाव से पहले संभवत: अंतिम कैबिनेट विस्तार होगा।
चार मंत्रियों के पास अतिरिक्त प्रभार
वित्त मंत्री अरुण जेटली के पास रक्षा मंत्रालय का भी प्रभार है। इसी तरह हर्षवर्धन के पास पर्यावरण मंत्रालय, नरेंद्र सिंह तोमर के पास शहरी विकास मंत्रालय और स्मृति ईरानी के पास सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार है।
हिमाचल से धूमल या अनुराग
चुनावी राज्य हिमाचल प्रदेश को साधने के लिए पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल या उनके सांसद पुत्र अनुराग सिंह ठाकुर को मंत्रिपरिषद में जगह दिए जाने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक अगर 73 वर्षीय धूमल के नाम पर सहमति बनी तो उन्हें कृषि मंत्री बनाया जाएगा।
ऐसी स्थिति में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद धूमल स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की जगह उच्च सदन में प्रवेश करेंगे। पार्टी नेतृत्व पहले ही नड्डा को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार पेश करने का मन बना चुका है।
गडकरी को यातायात व्यवस्था का संपूर्ण प्रभार
पिछले महीने एक के बाद एक तीन रेल हादसों के बाद इस्तीफे की पेशकश कर चुके रेल मंत्री सुरेश प्रभु को पर्यावरण मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। सरकार की इच्छा रेलवे, सड़क, जल और हवाई यातायात से जुड़े सभी मंत्रालयों का विलय कर इसकी जिम्मेदारी नितिन गडकरी को देने की है।
इस फार्मूले के तहत रेलवे में दो, सड़क परिवहन में एक और नागरिक उड्डयन विभाग के एक-एक राज्य मंत्री होंगे।
अंतिम विस्तार के कारण ज्यादा माथापच्ची
मोदी मंत्रिमंडल का संभावित अंतिम विस्तार होने के कारण सरकार और पार्टी के बीच जबरदस्त माथापच्ची हो रही है। चूंकि इस साल हिमाचल प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक तो अगले साल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं। लिहाजा, मंत्रियों के कामकाज के अलावा इन राज्यों के राजनीतिक गणित को भी आधार बनाया गया है।
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अधिकतम 81 मंत्री
फिलहाल पीएम को मिलाकर केंद्रीय मंत्रिपरिषद में 73 सदस्य हैं। इनमें से 24 कैबिनेट, 12 राज्य मंत्री और 36 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री हैं। कानूनन मंत्रिपरिषद में कुल लोकसभा सांसदों (545) के 15 प्रतिशत यानी अधिकतम 81 सदस्य हो सकते हैं।
ये हो सकते हैं नए चेहरे
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भूपेंद्र यादव या ओम माथुर
प्रहलाद जोशी
विनय सहस्त्रबुद्धे
प्रह्लाद पटेल
हरीश द्विवेदी
सत्यपाल सिंह
सुरेश अंगड़ी
चंदूलाल साहू
अश्विनी चौबे
हेमंत विश्वशर्मा
भारती स्याल
प्रेम कुमार धूमल या अनुराग ठाकुर
आरसीपी सिंह (जदयू)
संतोष कुशवाहा (जदयू)
एम थंबीदुरई (अन्नाद्रमुक)
वी मैत्रेयन (अन्नाद्रमुक)