फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BEE wall ReHAB project to decrease Human Elephant conflict, here is all you need to know

मधुमक्खियों की दीवार: हाथियों को मानव आबादी से दूर रखने में कारगर सिद्ध हो रहा ये तरीका

Sat, 22 May 2021 04:18 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sat, 22 May 2021 04:18 PM IST
सार

खादी ग्राम उद्योग आयोग (केवीआईसी) ने शनिवार को कहा कि परियोजना 'री-हैब' के तहत मधुमक्खी पालन में इस्तेमाल डिब्बों का प्रयोग हाथियों को दूर रखने के लिए दीवार की तरह किया जा रहा है। आयोग ने कहा कि इससे किसी को नुकसान पहुंचाए बिना मानव-पशु संघर्ष को कम करने में सफलता मिल रही है।

विज्ञापन
BEE wall ReHAB project to decrease Human Elephant conflict, here is all you need to know
हाथी - फोटो : पेक्सेल्स

विस्तार

केवीआईसी ने 15 मार्च को शुरू इस परियोजना की सफलता की घोषणा करते हुए कहा कि इसे उन राज्यों में दोहराया जाएगा जहां हाथियों द्वारा मानव बस्तियों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। आयोग ने एक बयान में कहा, ‘ऐसे समय में जब राज्य सरकारें हाथियों के हमलों को रोकने के लिए खाई खोदने और अन्य अवरोधक खड़े करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही हैं, केवीआईसी की नवोन्मेषी परियोजना री-हैब (रिड्यूसिंग ह्यूमन-एलिफेंट अटैक यूजिंग बी) ने साबित किया है कि यह मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए बहुत प्रभावी, सस्ता और बिना नुकसान वाला उपाय है।’

विज्ञापन


आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि खाई, लोहे की बाड़, कांटेदार खंभे, बिजली युक्त दीवार और बिजली के तार न केवल निष्प्रभावी हैं, बल्कि इनका परिणाम हाथियों की दुखद मौत के रूप में निकलता है। उन्होंने कहा, 'इसके उलट 'री-हैब' सस्ती, प्रभावी और हाथियों को नुकसान न पहुंचाने वाली परियोजना है। इसके दीर्घकालिक लाभ हैं। यह मानवों और हाथियों के बीच होने वाले संघर्ष को कम करती है। मधुमक्खी पालन से किसानों की आय बढ़ती है, जलवायु परिवर्तन को रोकने में मदद मिलती है और जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में भोजन सुनिश्चित होता है।'
विज्ञापन


हाथियों को मानव बस्तियों से दूर रखने के लिए मधुमक्खी पालन में इस्तेमाल डिब्बों का प्रयोग प्रभावी है क्योंकि इन जानवरों को यह डर लगता है कि मधुमक्खियां उनकी आंखों में या सूंड़ के अंदरूनी हिस्से में काट सकती हैं। इसके अलावा मधुमक्खियों के भिनभिनाने की आवाज से भी हाथी परेशान हो उठते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed