बरेली में नोट बदलने के लिए लाइन में लगे व्यक्ति की मौत, हंगामा, रास्ता जाम
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मॉडल टॉउन में नोट बदलने के लिए लाइन में खड़े कांकरटोला के बुजुर्ग ऑटो रिक्शा चालक खलीक अहमद अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े और हृदयगति रुकने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। खलीक बेटी की फीस जमा करने के लिए बैंक से नोट लेने आए थे। हादसे से गुस्साई भीड़़ ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। इस बीच कई नेता भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के मुआवजा दिलाने का आश्वासन के बाद करीब चार घंटे बाद जाम खुल पाया।
थाना बारादरी के मोहल्ला कांकरटोला निवासी 50 वर्षीय खलीक अहमद 500-1000 के नोट बदलने के लिए मॉडल टाउन में खुशलोक अस्पताल के सामने भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के बाहर लाइन में खड़े थे। उन्हें बेटी की फीस जमा करने के लिए रुपयों की जरूरत थी। खलीक अहमद का लाइन में 15वां नंबर था। इसी बीच सुबह करीब 11.30 बजे चक्कर आने पर वह जमीन पर गिर पड़े। उनके बेहोश होते ही लाइन में खड़े लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर परिवार वाले खलीक को उठाकर अस्पताल ले जाने लगे लेकिन वह दम तोड़ चुके थे।
खलीक की मौत से गुस्साई भीड़ ने दोपहर करीब एक बजे चारपाई पर शव रखकर ईंट पजाया चौराहे पर सड़क जाम करके हंगामा खड़ा कर दिया। भीड़ में शामिल लोगों ने नोटबंदी को तुगलकी फैसला बताकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कई बार नारेबाजी की। एसपी सिटी समीर सौरभ और सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए
भीड़ बढ़ती देखकर प्रेमनगर, सुभाषनगर, इज्जतनगर समेत आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पीएसी भी बुला ली गई। ऑल इंडिया रजा एक्शन कमेटी(आरएसी) युवा के नायब सदर नवासा-ए-आला हजरत मौलाना अदनान रजा खां भी मौके पर पहुंच गए। बसपा के कैंट विधानसभा प्रत्याशी राजेंद्र गुप्ता, सपा के इस्लाम बब्बू, बसपा के अनीस इंजीनियर भी मौके पर पहुंचे।
भीड़ की मांग थी कि खलीक के परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलाया जाए। इस पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। उनका कहना था कि पारिवारिक लाभ योजना के 40 हजार रुपये दिलाए जा सकते हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद कराने की कोशिश की जाएगी, लेकिन इस पर परिवार वाले राजी नहीं थे।
बाद में बसपा नेता राजेंद्र गुप्ता ने 50 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया। 25 हजार रुपये आरएसी की तरफ से दिए गए। 10 हजार रुपये की मदद अनीस इंजीनियर ने की। इसके अलावा एसपी सिटी ने खलीक के परिवार की कुछ मदद कराई। करीब पांच बजे भीड़ ने जाम खोलकर रास्ता साफ किया।
खलीक की हार्टअटैक से मौत होने पर परिवार वालों ने सड़क जाम कर दी थी। बाद में परिवार वालों को समझाकर जाम खुलवा दिया। परिवार वालों का कहना है कि बैंक में नोट बदलने को लाइन में लगने के दौरान मौत हुई है। कुछ लोगों ने खलीक के परिवार वालों की मदद की है।