बांग्लादेश के विदेश मंत्री का दौरा रद्द होने से बढ़ी विदेश मंत्रालय की चिंता
- विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कम शब्दों में प्रतिक्रिया देकर चलाया काम
- पाकिस्तान की आदत है, भारत के आंतरिक मामलों में टांग अड़ाना
विस्तार
बांग्लादेश के विदेश मंत्री का यह कदम विदेश मंत्रालय की चिंता बढ़ा रहा है। हालांकि मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते बहुत मजबूत हैं। बांग्लादेश ने इसे 'लोनाली रिलेशन' की संज्ञा दी है। रवीश ने इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए सधे शब्दों का इस्तेमाल किया। कुमार ने कहा कि उन्हें भी पता है कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने दौरा रद्द कर दिया है। विदेश मंत्री ने इसका कारण भी बताया है, लेकिन भारत-बाग्लादेश का रिश्ता बहुत मधुर है। हमारे रिश्ते बहुत मजबूत है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार बांग्लादेश 16 दिसंबर को आजाद हुआ था। इसे पड़ोसी देश विजय दिवस के रूप में मनाता है। विदेश मंत्रालय को बताया गया कि विदेश मंत्री मोमेन ने कुछ इसी तरह की घरेलू व्यस्तताओं के कारण नई दिल्ली आने का दौरा रद्द किया है। एक अन्य सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि विदेश मंत्री द्वारा दौरा रद्द करने के बारे में किसी तरह का कयास लगाना ठीक नहीं होगा।
गृहमंत्री ने 'धार्मिक अत्याचार' पर टिप्पणी करते समय कहा था कि वहां से हिन्दू बंगबंधु के बाद और मौजूदा सरकार के पहले बीच के समय में उत्पीड़ित होकर भारत आए।। रवीश कुमार ने कहा कि संसद भवन में गृह मंत्री ने भी स्पष्ट किया है। गृहमंत्री अमित शाह ने संसद भवन में बंगबंधु मुजीबुर्रहमान की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनके समय में सबकुछ ठीक चला, लेकिन उसके बाद अल्पसंख्यक हिन्दुओं को परेशान किया गया। गृहमंत्री ने संसद भवन में मौजूदा बांग्लादेश सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के लिए उठाए जा रहे कदमों की तारीफ की है।