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तेलंगाना जाति सर्वेक्षण: राज्य में पिछड़े वर्ग की हिस्सेदारी अधिक, 4 फरवरी को कैबिनेट में पेश की जाएगी रिपोर्ट

Sun, 02 Feb 2025 11:29 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: शुभम कुमार Updated Sun, 02 Feb 2025 11:29 PM IST
सार

सर्वेक्षण करने वाली एजेंसी ने रिपोर्ट नागरिक आपूर्ति मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट उप-समिति को सौंपा है। मंत्री ने बताया कि यह रिपोर्ट 4 फरवरी को राज्य कैबिनेट के सामने पेश की जाएगी और उसी दिन इसे विधानसभा के विशेष सत्र में चर्चा के लिए रखा जाएगा।

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Backward classes form largest chunk of population in Telangana, says caste survey News In Hindi
रेवंत रेड्डी - फोटो : ANI

विस्तार

तेलंगाना में हाल ही में जाति सर्वेक्षण किया गया, जिसकी रिपोर्ट भी अब सामने आ गए है। जारी जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार राज्य की कुल आबादी 3.70 करोड़ है, जिसमें मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय को छोड़कर पिछड़े वर्ग की हिस्सेदारी 46.25 प्रतिशत है। सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार राज्य की जनसंख्या में पिछड़े वर्ग (46.25 प्रतिशत) के बाद अनुसूचित जाति (17.43 प्रतिशत), अनुसूचित जनजाति (10.45 प्रतिशत), मुस्लिम पिछड़े वर्ग (10.08 प्रतिशत) और अन्य जातियां (13.31 प्रतिशत) शामिल हैं। 
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4 फरवरी को कबिनेट में पेश की जाएगी रिपोर्ट 
बता दें कि सर्वेक्षण करने वाले तेलंगाना योजना विभाग ने इस रिपोर्ट को नागरिक आपूर्ति मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट के सब-कमेटी को सौंपा है। इसको लेकर मंत्री ने बताया कि यह रिपोर्ट 4 फरवरी को राज्य कैबिनेट के सामने पेश की जाएगी और उसी दिन इसे विधानसभा के विशेष सत्र में चर्चा के लिए रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में मुस्लिम आबादी का प्रतिशत 12.56 है। राज्य में कुल 1,15,78,457 परिवार हैं, जबकि सर्वेक्षण में 1,12,15,134 परिवारों को शामिल किया गया।
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तेलंगाना सरकार की एतिहासिक उपलब्धि- उत्तम
आपूर्ति मंत्री ने आगे कहा कि जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करना और इसे पूरा करना तेलंगाना सरकार के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसे देश के सामाजिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। उनके मुताबिक, इस सर्वेक्षण के जरिए सरकार को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक क्षेत्रों में डेटा मिलेगा, जिससे राज्य के सबसे गरीब, कमजोर और हाशिए पर पड़े लोगों के लिए कल्याण और अवसर उपलब्ध कराए जा सकेंगे। 
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इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा सामाजिक-आर्थिक, रोजगार, राजनीतिक और जाति सर्वेक्षण कराया था, जो कांग्रेस नेता राहुल गांधी का चुनावी वादा था। गौरतलब है कि यह सर्वेक्षण 6 नवंबर, 2024 से 50 दिनों तक चला था।

रेड्डी ने रिपोर्ट को बताया ऐतिहासिक
जाति सर्वेक्षण को लेकर जारी रिपोर्ट पर रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना पिछड़े वर्गों के तहत मुस्लिम समुदाय के पिछड़े वर्गों को आरक्षण प्रदान करता है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि इस सर्वेक्षण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसमें कुल 3,54,77,554 लोगों को शामिल किया गया, जो राज्य की जनसंख्या का 96.9 प्रतिशत है। हालांकि, 3.1 प्रतिशत आबादी यानी लगभग 16 लाख लोग सर्वेक्षण से बाहर रहे, क्योंकि वे या तो उपलब्ध नहीं थे या उन्होंने इसमें हिस्सा लेने में रुचि नहीं दिखाई।


एक नजर आकड़ो पर
वहीं आकड़ों के अनुसार अनुसूचित जातियों की जनसंख्या 61,84,319 है, अनुसूचित जनजातियों की 37,05,929, मुस्लिम पिछड़े वर्गों की 1,64,09,179, मुस्लिम पिछड़े वर्गों में 35,76,588 लोग और मुस्लिम (ओसी) की संख्या 8,80,424 है।
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