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बाबा विश्वनाथ के अधीन होंगे पंचकोशी परिक्रमा पथ के मंदिर

Sun, 27 Mar 2016 12:36 AM IST
अनूप ओझा/अमर उजाला, वाराणसी
अनूप ओझा/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 27 Mar 2016 12:36 AM IST
सार

  • विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद ने पांचों पड़ावों की धर्मशालाओं और मंदिरों की देखरेख को बढ़ाया कदम
  • मारकंडेय महादेव की व्यवस्था का भी जिम्मा उठाने के लिए प्रमुख सचिव धर्मार्थ के साथ हुई चर्चा 

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Baba Vishwanath Nyas to take care panch koshi prikrama path temples
बाबा ‌व‌िश्‍वनाथ व पारवतीजी

विस्तार

काशी के पौराणिक पंचकोशी परिक्रमा पथ के प्राचीन मंदिरों, पड़ावों की देखरेख का जिम्मा काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद को दिया जा सकता है। मारकंडेय महादेव के भी भोग-राग की व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में कदम उठाने के संकेत मिले हैं।

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काशी को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की योजना के तहत इन अहम मसलों पर उच्चस्तर पर मंथन शुरू हो गया है। प्रमुख सचिव (धर्मार्थ कार्य) नवनीत सहगल के साथ इन बिंदुओं पर काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने चर्चा की है। आने वाले समय में इस पर अमल किया जाएगा। 
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धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं का खाका खींचने काशी आए प्रमुख सचिव (धर्मार्थ कार्य) नवनीत ने न्यास परिषद के अध्यक्ष के साथ पंचक्रोशी परिक्रमा और मारकंडेय महादेव की व्यवस्था को लेकर गुफ्तगू की। न्यास अध्यक्ष ने प्रमुख सचिव को सुझाव दिया कि पंचकोशी परिक्रमा मार्ग पर स्थित पांचों पड़ावों की दशा बेहद खराब है।
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पड़ावों पर बिजली, पानी के समुचित इंतजाम नहीं हैं। मंदिरों में नियमित पूजा-पाठ, भोग, आरती भी नहीं हो पाती। ऐसे में पंचकोशी परिक्रमा पथ पर स्थित कर्दमेश्वर महादेव, भीमचंडी, रामेश्वर, पांचों पंडवा (शिवपुर) और कपिलधारा की धर्मशालाओं और मंदिरों की व्यवस्था की देखरेख की जिम्मेदारी न्यास परिषद को दे दी जानी चाहिए।


न्यास इन पड़ावों की देखरेख और संरक्षण करेगा। इस पर प्रमुख सचिव ने सहमति जताई। इसके अलावा मारकंडेय महादेव की पूजा, भोग, आरती पर भी चर्चा हुई। न्यास अध्यक्ष ने कहा कि वहां परंपरागत तरीके से जो पुजारी मंदिर में पूजा-पाठ करा रहे हैं, वह कराते रहेंगे। अलबत्ता न्यास परिषद वहां पूजा, भोग में आने वाला खर्च वहन करे, इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए।

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