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असम के 'अवैध' नागरिकों को भी मिलेगा सरकार की इस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 04 Aug 2018 09:10 AM IST
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असम में एनआरसी के मसौदे से बाहर 40 लाख लोगों के भाग्य पर बहस जारी है। इस बीच आयुष्मान भारत के सीईओ इंदु भूषण का कहना है कि जल्द ही लॉन्च होने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन (एनएचपीएम) के तहत सभी के लिए पात्रता उपलब्ध होगी, चाहे कोई असम का 'वैध' नागरिक है या नहीं।
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उन्होंने कहा कि हमारे लिए 2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के तहत सूचीबद्ध पात्रता मानदंड मायने नहीं रखता है। इसलिए सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के तहत अर्हता प्राप्त करेंगे, उन्हें इसका लाभ दिया जाएगा।
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हालांकि असम के नागरिकों के लिए एक स्वास्थ्य बीमा योजना पहले से ही लागू है, जिसका लाभ सभी ले रहे हैं। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने वहां के नागरिकों के लिए 25 दिसंबर 2016 को स्वास्थ्य बीमा योजना 'अटल अमृत अभियान' लॉन्च किया था।
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इस अभियान के तहत बीमाकृत व्यक्ति देश के किसी भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 2 लाख रुपये तक का खर्च कार्ड से दे सकता है। अगर यह खर्च 2 लाख से अधिक हुआ तो उसे बीमाकृत व्यक्ति को खुद भरना होगा। इस योजना के तहत 5 लाख से कम वार्षिक आय वाले असम के सभी परिवार ले ले रहे हैं।
माना जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषण में राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन (एनएचपीएम) के लॉन्चिंग की घोषणा कर सकते हैं। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी अपने काम पर लग गई है। इस योजना के लाभ के लिए असम को भी अधिकृत किया गया है। इसके तहत लाभार्थियों को 5 लाख रुपये का वार्षिक स्वास्थ्य कवर मिलेगा।
एनएचपीएम को राज्य स्वास्थ्य योजनाओं के साथ गठबंधन में शुरू किया जाएगा। वर्तमान में 19 राज्यों में उनकी अपनी योजनाएं हैं, जिसके तहत 12.56 करोड़ लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल रहा है। लेकिन एनएचपीएम के तहत 17 करोड़ से अधिक परिवारों को कवर किया जाएगा।