{"_id":"5dc63cd18ebc3e5b3c4678e4","slug":"ayodhya-case-verdict-2019-rss-chief-mohan-bhagwat-to-address-media-at-1-pm-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या भूमि विवाद: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया से बात करेंगे मोहन भागवत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अयोध्या भूमि विवाद: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया से बात करेंगे मोहन भागवत
Sat, 09 Nov 2019 09:43 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 09 Nov 2019 09:43 AM IST
विज्ञापन
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
अयोध्या भूमि विवाद पर शनिवार नौ नवंबर को उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ फैसला सुनाएगी। फैसले के मद्देनजर देशभर में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की गई है। कई स्थानों पर धारा 144 लागू है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश के स्कूल कॉलेज बंद रखे गए हैं। खासतौर से अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
विज्ञापन
इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने के वक्त संघ देशभर में अपने शीर्ष स्वयंसेवकों की तैनाती करेगा जो लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करेंगे। फैसले के बाद सरसंघचालक मोहन भागवत दोपहर एक बजे मीडिया से बातचीत करेंगे।
विज्ञापन
Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) Chief Mohan Bhagwat to address the media at 1 pm today, following Supreme Court judgment in Ayodhya land case. (file pic) pic.twitter.com/Hf9Ce9Go0Y
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 9, 2019
सूत्रों के अनुसार, संघ अयोध्या मामले पर बहुप्रतीक्षित फैसले से निपटने के लिए अपने मीडिया और लोगों तक पहुंच की रणनीति को अंतिम रूप देने में व्यस्त है। सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर जल्द फैसले की उम्मीद में संघ देशभर में अपने शीर्ष नेतृत्व की तैनाती के संदर्भ में विस्तृत योजना को अंतिम रूप दे रहा है।
एक वरिष्ठ संघ पदाधिकारी ने बताया फैसले का स्वागत करने के साथ ही संघ नेता समाज के सभी वर्गों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करेंगे और अपने-अपने इलाकों में हालात की निगरानी भी करेंगे। संघ पहले ही अपने स्वयंसेवकों को यह हिदायत दे चुका है कि अयोध्या मामले का फैसले पक्ष में आने पर वे केवल घर के अंदर और मंदिरों में ही जश्न मनाएं। इसी तरह से फैसला खिलाफ आने पर शांति बनाए रखने को कहा है।