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PM के हमले के बाद अपने बयान से पलटा सुन्नी बोर्ड, कहा- अयोध्या मसले पर सिब्बल सही
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
Updated Wed, 06 Dec 2017 07:55 PM IST
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फाइल फोटो
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अयोध्या मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हमले के बाद सुन्नी बोर्ड वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल के समर्थन में उतर गया है।
इससे पहले याचिकाकर्ता सुन्नी बोर्ड के याचिकाकर्ता हाजी महमूद ने सिब्बल की उस दलील से किनारा कर लिया था जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या मसले पर फैसला 2019 के चुनाव तक टालने को कहा था।
इससे पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अदालत में अपने वकील कपिल सिब्बल की दलील से खुद को अलग रखा था। जिसकी पीएम ने भी तारीफ की और बोर्ड के फैसले को साहसिक करार देकर उन्हें बधाई दी।
याचिकाकर्ता महमूद ने कहा 'अगर जफरयाब जिलानी साहब कह रहे हैं कि कपिल सिब्बल ने कल जो कहा था, वो सही था तो मैं उनसे सहमत हूं। इसके अलावा कुछ और कहना नहीं चाहता।
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इससे पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य हाजी महबूब ने कहा कि कपिल सिब्बल उनके वकील है लेकिन वे एक राजनीतिक पार्टी से भी जुड़े हुए हैं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में उनकी दलील से बोर्ड सहमत नहीं है। यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने पूरे मामले को हाईजैक कर लिया। बोर्ड ने उन्हें ऐसी कोई सलाह नहीं दी थी कि मंदिर मामले की सुनवाई अगले आम चुनाव तक टाल दी जाए। हम इस मसले का जल्द से जल्द समाधान चाहते हैं।
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इससे पहले याचिकाकर्ता सुन्नी बोर्ड के याचिकाकर्ता हाजी महमूद ने सिब्बल की उस दलील से किनारा कर लिया था जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या मसले पर फैसला 2019 के चुनाव तक टालने को कहा था।
इससे पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अदालत में अपने वकील कपिल सिब्बल की दलील से खुद को अलग रखा था। जिसकी पीएम ने भी तारीफ की और बोर्ड के फैसले को साहसिक करार देकर उन्हें बधाई दी।
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याचिकाकर्ता महमूद ने कहा 'अगर जफरयाब जिलानी साहब कह रहे हैं कि कपिल सिब्बल ने कल जो कहा था, वो सही था तो मैं उनसे सहमत हूं। इसके अलावा कुछ और कहना नहीं चाहता।
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If Jilani saab (Zafaryab Jilani,convenor of the Babri Masjid Action Committee) is saying that what Kapil Sibal said yesterday was right, then I agree with him. Don't want to say anything else: Haji Mehboob, Ayodhya case petitioner pic.twitter.com/mDggyrqVEg
— ANI (@ANI) December 6, 2017
इससे पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य हाजी महबूब ने कहा कि कपिल सिब्बल उनके वकील है लेकिन वे एक राजनीतिक पार्टी से भी जुड़े हुए हैं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में उनकी दलील से बोर्ड सहमत नहीं है। यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने पूरे मामले को हाईजैक कर लिया। बोर्ड ने उन्हें ऐसी कोई सलाह नहीं दी थी कि मंदिर मामले की सुनवाई अगले आम चुनाव तक टाल दी जाए। हम इस मसले का जल्द से जल्द समाधान चाहते हैं।
पीएम मोदी ने कपिल सिब्बल के बहाने साधा निशाना
पीएम मोदी
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि कपिल सिब्बल ने अदालत में जो कुछ भी कहा है. वह पार्टी की राय नहीं है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस खुद को सिब्बल के बयान से अलग करती है। केस लड़ना उनका निजी मसला है। अरुण जेटली ने भोपाल गैस त्रासदी में आरोपी का मुकदमा लड़ा था तो क्या पूरी भाजपा को इसका दोषी माना जाएगा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कपिल सिब्बल के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि सिर्फ यही पार्टी इस मुद्दे को लटकाए रखना चाहती है। अहमदाबाद जिले के धुंधका में बुधवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि मंगलवार को कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद के लिए पैरवी कर रहे थे। उन्हें ऐसा करने का अधिकार है लेकिन क्या इस मामले की सुनवाई 2019 तक टालने की दलील देना सही है? उन्हें राम मंदिर को चुनाव से क्यों जोड़ना पड़ा? इससे साबित हो गया है कि कांग्रेस को देश की तनिक भी चिंता नहीं है।
मोदी ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वक्फ बोर्ड को चुनाव लड़ना है? क्या अगले आम चुनाव तक मंदिर मामले की सुनवाई टालने की सलाह वक्फ बोर्ड ने दी थी? जाहिर है वक्फ बोर्ड नहीं बल्कि कांग्रेस को चुनाव का सामना करना है। इसलिए वह राजनीति लाभ-हानि को देखते हुए इस मुद्दे को लटकाए रखना चाहती है।
उन्होंने कहा कि चुनाव बाद में है और मानवता पहले है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान तीन तलाक का मुद्दा नहीं उठाने की सलाह को दरकिनार करते हुए उन्होंने इस मामले में खुलकर अपनी राय सामने रखी। सुप्रीम कोर्ट में भी केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में तीन तलाक का विरोध किया। यह महिलाओं के अधिकार का सवाल है, इसलिए वे कभी इस पर चुप नहीं रहे।
धंधुका के बाद दाहोद जिले में चुनावी सभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि सिब्बल के बयान से खुद को अलग करने के साहसिक रुख के लिए वे सुन्नी वक्फ बोर्ड को बधाई देते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि सिब्बल भले ही उनके वकील है लेकिन सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने जो कुछ भी कहा वह गलत है। कांग्रेस को छोड़कर इस देश में सभी चाहते हैं कि इस मसले का समयबद्ध तरीके से निपटारा हो जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कपिल सिब्बल के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि सिर्फ यही पार्टी इस मुद्दे को लटकाए रखना चाहती है। अहमदाबाद जिले के धुंधका में बुधवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि मंगलवार को कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद के लिए पैरवी कर रहे थे। उन्हें ऐसा करने का अधिकार है लेकिन क्या इस मामले की सुनवाई 2019 तक टालने की दलील देना सही है? उन्हें राम मंदिर को चुनाव से क्यों जोड़ना पड़ा? इससे साबित हो गया है कि कांग्रेस को देश की तनिक भी चिंता नहीं है।
मोदी ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वक्फ बोर्ड को चुनाव लड़ना है? क्या अगले आम चुनाव तक मंदिर मामले की सुनवाई टालने की सलाह वक्फ बोर्ड ने दी थी? जाहिर है वक्फ बोर्ड नहीं बल्कि कांग्रेस को चुनाव का सामना करना है। इसलिए वह राजनीति लाभ-हानि को देखते हुए इस मुद्दे को लटकाए रखना चाहती है।
उन्होंने कहा कि चुनाव बाद में है और मानवता पहले है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान तीन तलाक का मुद्दा नहीं उठाने की सलाह को दरकिनार करते हुए उन्होंने इस मामले में खुलकर अपनी राय सामने रखी। सुप्रीम कोर्ट में भी केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में तीन तलाक का विरोध किया। यह महिलाओं के अधिकार का सवाल है, इसलिए वे कभी इस पर चुप नहीं रहे।
धंधुका के बाद दाहोद जिले में चुनावी सभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि सिब्बल के बयान से खुद को अलग करने के साहसिक रुख के लिए वे सुन्नी वक्फ बोर्ड को बधाई देते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि सिब्बल भले ही उनके वकील है लेकिन सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने जो कुछ भी कहा वह गलत है। कांग्रेस को छोड़कर इस देश में सभी चाहते हैं कि इस मसले का समयबद्ध तरीके से निपटारा हो जाए।