भारतीय किसानों की आय दोगुनी करने में मदद करेगा ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय
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भारतीय किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने में मदद करने के लिए ऑस्ट्रेलिया का वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय (डब्ल्यूएसयू) 50 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर निवेश करने की योजना बना रहा है। साथ ही वह किसानों की आय बढ़ाने में शोध और नवाचार (इनोवेशन) का लाभ उठाने के लिए देश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों से करार करने की भी तैयारी में है।
इससे दीर्घकाल में किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान मिलेगा। डब्ल्यूएसयू के कुलपति बार्नी ग्लोवर ने कहा कि यह शोध बागवानी एवं कृषि के संरक्षित फसलों और संबंधित पहलुओं के क्षेत्रों के साथ सहयोगी शिक्षण और सीखने पर केंद्रित होगा।
दूर करनी होगी किसानों की जमीनी समस्याएं
बार्नी ग्लोवर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य तय किया है। हालांकि, इसे हासिल करने के लिए नवाचार और विकास की आवश्यकता होगी। साथ ही किसानों की जमीनी समस्याएं भी दूर करनी होंगी। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएसयू ने पर्यावरण में बदलाव के कारण मौजूद वैश्विक खाद्य संकट से निपटने की योजना के तहत भारतीय कृषि शोध परिषद (आईसीएआर) और 13 अन्य कृषि विश्वविद्यालयों से साझेदारी की है।
दोनों देशों की एक जैसी चुनौतियां
ग्लोवर के मुताबिक, भारत और ऑस्ट्रेलिया के सामने कई मायनों में वृहद कृषि और संरक्षित फसल उद्योग तैयार करने में एक जैसी चुनौतियां हैं। इसलिए हमारे पास शोध के सवाल भी एक जैसे ही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का मौसम एक जैसा है। हमारे पास मॉनसून क्षेत्र हैं और बेहद सूखे क्षेत्र भी। हालांकि, भारत के पास कुछ अतिरिक्त जटिलताएं भी हैं। उनके मुताबिक, किसानों को खेती के लिए नए तरीकों और दृष्टिकोणों को अपनाने में मदद करने के लिए स्थानीय कृषि संस्थानों का समर्थन जरूरी है।
जीने के लिए संघर्ष कर रहे किसान
उन्होंने कहा कि 99 फीसदी भारतीय किसानों के पास पांच हेक्टेयर से भी कम खेत हैं। विशेषकर छोटे किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सुझाव तैयार करने पर पुणे में काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि ये वैसे किसान हैं, जिनके पास एक हेक्टेयर से भी कम खेत है। साथ ही वे जीने लायक कमाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएसयू मधुमक्खी पालन परियोजना पर आईसीएआर के साथ काम कर रहा है। इसमें महिलाओं को शामिल किया गया है।
शोधार्थियों-शिक्षाविदों को साथ लाने में मदद
डब्ल्यूएसयू ने जिन राज्य कृषि विश्वविद्यालयों से साझेदारी की है, उनमें हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, कश्मीर, पश्चिम बंगाल, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के कृषि विश्वविद्यालय शामिल हैं। उधर, आईसीएआर के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्रा ने कहा कि आईसीएआर और डब्ल्यूएसयू के बीच सहयोग शोध शोधार्थियों, शिक्षाविदों और साझेदार संस्थानों के छात्रों को साथ लाएगा। आपसी विशेषज्ञता का लाभ उठाने को एक मंच भी प्रदान करेगा।