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Hindi News ›   India News ›   Assembly Elections 2018: criminal cases against MP and MLA's

क्या आप जानते हैं दागी छवि वाले नेताओं के खिलाफ चल रहे हैं कितने केस

Tue, 09 Oct 2018 01:52 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 09 Oct 2018 01:52 PM IST
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Assembly Elections 2018: criminal cases against MP and MLA's
Election 2018

दागी छवि वाले नेताओं का चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेना लंबे समय से बड़ा मुद्दा रहा है। इसे लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, हालांकि अदालत ने सरकार पर ही कानून बनाने की जिम्मेदारी छोड़ी है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि कुल 1765 सांसद और विधायक के खिलाफ 3045 मामलों में केस चल रहे हैं। 

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फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलेगा

सरकार ने पहली बार सांसदों-विधायकों के खिलाफ एक साल के भीतर फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाने के मकसद से ये आंकड़े जुटाए थे। सुप्रीम कोर्ट में एक शपथपत्र में सरकार ने कहा था कि वह फास्ट ट्रैक कोर्ट में दागी सांसदों-विधायकों के खिलाफ रोजाना सुनवाई चाहती है। 
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सबसे ज्यादा दागी माननीय उत्तर प्रदेश से हैं। इसके बाद नंबर आता है तमिलनाडु, बिहार, प. बंगाल, आंध्र प्रदेश और केरल का। केंद्र के इस हलफनामे में महाराष्ट्र और गोवा का जिक्र नहीं था क्योंकि इन राज्यों से आंकड़े नहीं आए थे।
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12 विशेष अदालतों का गठन

सरकार ने अदालत को बताया था कि इस संबंध में 12 विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 7.80 करोड़ रुपये का बजट भी पास किया था। 

दिल्ली में दो विशेष अदालतों का गठन होगा जहां 228 दागी सांसदों पर सुनवाई होगी। बाकी 10 अदालतों का गठन 10 राज्यों आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और प. बंगाल में होगा। यहां हर राज्य में 65 से ज्यादा दागी विधायक हैं।   

 

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