आरओ व एआरओ परीक्षा में पूछे गए सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े सवाल
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की रविवार को हुई समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) परीक्षा 2016 में पूछे गए सवालों से परीक्षार्थियों को नवंबर की गुनगुनी ठंड में पसीना छूट गया। परीक्षा में सर्जिकल स्ट्राइक और कालेधन से जुड़े सवाल भी पूछे गए।
सवाल पूछने के पैटर्न से प्रतियोगियों को लगा कि आयोग अपनी पुरानी गलतियों से सबक ले रहा है और अपने पुराने पेपर सेटर और मॉडरेटर को बदलकर नई टीम तैयार कर ली है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा प्रदेश के 21 जिलों में हुई। इसमें 52 फीसदी परीक्षार्थी शामिल हुए। 385191 अभ्यर्थी पंजीकृत थे।
प्रथम सत्र में 204907 और द्वितीय सत्र में 203261 अभ्यर्थी शामिल हुए। इसी प्रकार पहले सत्र में 53.20 एवं 52.77 फीसदी उपस्थिति रही, जबकि आरओ-एआरओ में 48 फीसदी ने छोड़ दी परीक्षा। परीक्षा के दौरान यह अफवाह बड़ी तेजी से फैली की पर्चा आउट हो गया है। फिलहाल लोक सेवा आयोग के सचिव ने इस प्रकार की चर्चा को अफवाह बताया।
हिंदी के विलोम का जवाब देने में चकराए परीक्षार्थी
हिंदी के विलोम का जवाब देने में चकराए परीक्षार्थी
आरओ-एआरओ परीक्षा में सामान्य एवं हिंदी अध्ययन के दो प्रश्नपत्र हुए। पहला प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन का था। इसमें 140 प्रश्न पूछे गए। दूसरा प्रश्नपत्र सामान्य हिंदी का हुआ। इसमें 60 प्रश्न पूछे गए। परीक्षा देकर बाहर आए प्रतियोगियों ने बताया कि सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में पूछे गए सवाल पूर्व की परीक्षाओं में पूछे गए सवाल से एकदम अलग थे।
इससे लगता है कि आयोग अब पुरानी पद्घति से बाहर निकलने की कोशिश में है। प्रतियोगी राजीव तिवारी ने बताया कि हिंदी में विलोम से जुड़े ऐसे सवाल पूछे गए कि जवाब देने में हर प्रतियोगी को सोचना पड़ा। इसी प्रकार के सवाल सामान्य हिंदी के सभी खंडों से पूछे गए।
सामान्य अध्ययन के सवालों में नहीं दिखा दोहराव
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में अभी तक देखा गया है कि हर परीक्षा में पूर्व की परीक्षाओं में पूछे गए 10 से 20 सवाल अवश्य पूछे जाते रहे हैं। आरओ-एआरओ परीक्षा में पहली बार पूर्व में पूछे सवाल दोहराए नहीं गए।
आयोग ने अभी हाल में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी कैंपों पर भारतीय सेना की ओर से की गई कार्रवाई सहित सितंबर में कालेधन निकालने के खिलाफ चलाए गए अभियान में कितना धन बाहर आया इस पर भी सवाल पूछे गए।