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Ashwini Vaishnaw: 'सुझाव सराहनीय, लेकिन रेलवे को नहीं मिला कोई प्रस्ताव', सुधा मूर्ति के विचार पर रेल मंत्री

Fri, 08 Aug 2025 04:36 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 08 Aug 2025 04:36 PM IST
सार

सांसद सुधा मूर्ति ने पुराने रेल कोचों को मोबाइल लाइब्रेरी या क्लासरूम में बदलने का सुझाव दिया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सुझाव सराहनीय है, लेकिन रेलवे मंत्रालय को अब तक ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।

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Ashwini Vaishnaw Said No proposal to convert decommissioned railway coaches into mobile libraries, classrooms
अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा सांसद और प्रसिद्ध लेखिका सुधा मूर्ति की सराहना की। कारण है कि लेखिका सुधा मूर्ति ने हाल ही में संसद में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या रेलवे द्वारा रिटायर किए गए कोच को मोबाइल लाइब्रेरी या क्लासरूम में बदले जाने पर विचार किया गया है, ताकि ग्रामीण इलाकों और झुग्गी बस्तियों में पढ़ाई की आदत को बढ़ावा मिल सके।

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इस सवाल पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लिखित जवाब में सुधा मूर्ति के विचार की सराहना की। उन्होंने कहा रिटायर हो चुके कोच को मोबाइल लाइब्रेरी या क्लासरूम में बदलना एक बेहतरीन सुझाव है, जो पढ़ने की आदत और शिक्षा को प्रोत्साहित करेगा। हालांकि मंत्री ने साफ किया कि अब तक रेलवे मंत्रालय को इस तरह का कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला है। लेकिन उन्होंने कहा कि अगर इस दिशा में कोई पहल होती है, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना जरूरी होगा।

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वैष्णव ने किन चुनौतियों का जिक्र किया?
वहीं इस सुझाव पर रेल मंत्री ने दो प्रमुख चुनौतियों की बात की। इसके तहत उन्होंने कहा कि इस सूझाव में आने वाली चुनौतियों के तौर पर सुरक्षा और मेंटेनेंस है, जिसमें रिटायर कोच का नियमित रखरखाव जरूरी होगा, ताकि वो सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित और उपयुक्त बने रहें। दूसरी चुनौती के तौर पर वैष्णव ने कहा कि मोबाइल इकाई नहीं बन सकते। इसका कारण है कि रिटायर किए गए कोच को चलाया नहीं जा सकता, यानी वे मोबाइल (चलती-फिरती) लाइब्रेरी या क्लासरूम के रूप में इस्तेमाल नहीं किए जा सकते। इन्हें स्थिर रूप में ही उपयोग करना होगा।

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अब समझिए क्या है सुधा मूर्ती का विचार?
अब बात अगर सांसद सुधा मूर्ति के इस सुझाव को लेकर विचार की करें तो सुधा मूर्ति का विचार था कि पुराने रेल कोचों को उपयोगी बनाकर शिक्षा से जोड़ा जाए, खासकर उन क्षेत्रों में जहां स्कूल या लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं कम हैं। इससे बच्चों और युवाओं में पढ़ाई को लेकर रुचि बढ़ सकती है।

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