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जेपी के फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए करेंगे अनुच्छेद-142 का इस्तेमाल : सुप्रीम कोर्ट
Thu, 11 Jul 2019 09:52 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Thu, 11 Jul 2019 09:52 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि अगर जेपी इंफ्राटेक के 21 हजार से अधिक फ्लैट खरीदारों की परेशानी नहीं सुलझी तो वह संविधान के अनुच्छेद-142 के तहत अपनी असीम शक्ति का इस्तेमाल करते हुए इस मामले को सुलझाएगी। उधर, केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि वह बिल्डरों के चंगुल में फंसे घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए एक यूनिफॉर्म प्रस्ताव तैयार करा रही है।
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इस दौरान जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (जेआईएल) के फ्लैट खरीदारों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ को केंद्र सरकार की एडिशनल सॉलिसिटर जनरल माधवी दीवान ने जानकारी दी कि नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय पंचाट (एनसीएलएटी) के समक्ष जेपी इंफ्राटेक के दिवालियापन से संबंधित मामले की सुनवाई 17 जुलाई को प्रस्तावित है। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई 18 जुलाई तक के लिए टाल दी।
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जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (जेआईएल) से फ्लैट खरीदने वालों के वकील एमएल लाहौटी ने जेआईएल को दिवालिया घोषित कर दिए जाने से खरीदारों को बहुत परेशानी होने का मुद्दा उठाया। इस पर पीठ ने कहा कि अगर एनसीएलएटी ऐसा करता है तो घर खरीदारों के हितों की रक्षा को आदेश जारी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास अनुच्छेद-142 के तहत असीम शक्ति है।
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इससे इतर, एएसजी दीवान ने शीर्ष अदालत को बताया कि घर खरीदारों की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार यूनिफॉर्म प्रस्ताव लाने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को 23 जुलाई को यूनिटेक होम बायर्स मामले पर होने वाली सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत में पेश किया जाएगा।
बता दें कि गत नौ जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने हजारों फ्लैट खरीदारों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को एक यूनिफॉर्म प्रस्ताव इसमें आगे आना चाहिए। सरकार को एक ऐसा यूनिफॉर्म प्रस्ताव लाना चाहिए जिससे कि ऐसे सभी मामलों का समाधान हो सके।