{"_id":"5cdb0dbbbdec22072f09fca4","slug":"army-urges-defense-ministry-good-quality-ammunition-from-ofb","type":"story","status":"publish","title_hn":"रक्षा मंत्रालय से सेना का आग्रह, ओएफबी से मिले अच्छी गुणवत्ता वाला गोला बारूद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
रक्षा मंत्रालय से सेना का आग्रह, ओएफबी से मिले अच्छी गुणवत्ता वाला गोला बारूद
Wed, 15 May 2019 12:19 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Wed, 15 May 2019 12:19 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेना ने रक्षा मंत्रालय से हस्तक्षेप कर उसे उच्च गुणवत्ता वाले गोला बारूद उपलब्ध कराने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक सेना ने रक्षा मंत्रालय से आग्रह किया है कि वह सरकारी क्षेत्र की ऑर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड (ओएफबी) से मिलने वाले निम्न स्तर के गोला बारूद को लेकर तत्काल हस्तक्षेप करें। सेना ने कहा कि निम्न स्तर के गोला बारूद से युद्धक टैंक, एयर डिफेंस गन की दुघर्टनाओं में बढ़ोतरी चिंताजनक है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक सेना ने इस बाबत रक्षा उत्पादन सचिव अजय कुमार के समक्ष चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि ऑर्डनेंस फैक्ट्री से मिलने वाले खराब गुणवत्ता के गोला बारूद से पिछले कुछ सालों के दौरान सेना के प्रमुख हथियारों को नुकसान पहुंच रहा है। सेना की मांग पर रक्षा मंत्रालय ने जांच में पाया कि ओएफबी अपनी गुणवत्ता सुधार करने पर प्रमुखता से जोर नहीं दे रहा है। ओएफबी देश भर में 41 ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों का संचालन करती है। इसका सारा कामकाज रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन महकमे में आता है।
विज्ञापन
इस मामले पर ओएफबी ने बताया कि भारतीय सेना को गोला बारूद की आपूर्ति क्वालिटी कंट्रोल डिपार्टमेंट डायरेक्टरेट जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस (डीजीक्यूए) से गहन जांच के बाद की जाती है। सभी प्राथमिक पदार्थो की विभिन्न अधिकृत लेबोरेट्री में जांच की जाती है। सेना को आपूर्ति किए जाने से पहले विशेष परीक्षण किए जाते हैं। इसके साथ ही ओएफबी ने कहा कि वह गोला बारूद के निर्माण से लेकर उसे भेजने तक के लिए जिम्मेदार है। लेकिन उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि सेना कैसे उसका रख रखाव करती है, उसे कहां रखती है और रख रखाव के हालात कैसे हैं। इन हादसों के लिए रख-रखाव का तरीका भी बराबर का जिम्मेदार है।
विज्ञापन
सेना ने रक्षा मंत्रालय को उन हादसों पर एक भी रिपोर्ट सौंपी है जिनमें मुख्यत: टी-72 और टी-90 व मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन शामिल रहे हैं। इसके अलावा खराब गुणवत्ता के गोला बारूद के चलते 105 एमएम इंडियन फील्ड गनों, 130 एमएम एमएआइ मीडियम रेंज गन और 40 एमएम एल-70 एयर डिफेंस गन के साथ भी नियमित हादसे हो रहे हैं। सेना ने उन घटनाओं का भी ब्योरा दिया जिसमें सैन्य अफसर भी खराब गोला बारूद के चलते घायल हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि सेना इस विषय पर बेहद गंभीर है। साथ ही उसने रक्षा मंत्रालय से सेना को दिए जाने वाले गोला बारूद की गुणवत्ता सुधारने की भी अपील की है।