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थल सेना प्रमुख धीरज सेठ का दौरा: पूर्वोत्तर की सुरक्षा मजबूत, जवानों का बढ़ा हौसला, दिया 'विजय' का नया मंत्र
Thu, 16 Jul 2026 03:09 AM IST
राकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, गुवाहाटी।
अमर उजाला ब्यूरो, गुवाहाटी।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 16 Jul 2026 03:09 AM IST
सार
थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने पूर्वोत्तर के संवेदनशील इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने आधुनिक तकनीकों के उपयोग और सुरक्षा बलों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करने पर बल दिया। इसके साथ ही सेना प्रमुख ने भविष्य की रक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए पांच सूत्रों वाले "विजय" विजन की घोषणा की।
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थल सेना प्रमुख धीरज सेठ
- फोटो : @अमर उजाला
विस्तार
पूर्वोत्तर की सुरक्षा अब पूरी तरह अभेद्य होगी। थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ खुद मैदान में उतरे। उन्होंने पूर्वी कमान के सामरिक ठिकानों का तूफानी दौरा किया। यह दौरा दो दिनों का था। उन्होंने 14 और 15 जुलाई को सुरक्षा व्यवस्था की नब्ज टटोली। इस दौरान सेना की युद्धक क्षमता को परखा गया। उनके इस दौरे से सीमा पर तैनात जवानों का हौसला सातवें आसमान पर है।
सरहद पर अभेद्य पहरा और तकनीक का दम
सेना प्रमुख सबसे पहले त्रिशक्ति कोर पहुंचे। वहां जीओसी ने उन्हें सीमा की हर हलचल से रूबरू कराया। उन्होंने आधुनिक निगरानी प्रणालियों को देखा। सेना को तकनीक से लैस करने पर लंबी चर्चा हुई। इसके बाद जनरल धीरज सेठ बेंगडुबी सैन्य स्टेशन और स्पीयर कोर पहुंचे। वहां उन्होंने सेना की रसद तैयारियों (लॉजिस्टिक्स) का जायजा लिया। उनका सीधा संदेश था कि तैयारी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
सेना का नया महामंत्र 'विजय' विजन
कठिन हालातों में तैनात जवानों से सेना प्रमुख ने सीधे बात की। उन्होंने जवानों के जज्बे को सलाम किया। इस मौके पर उन्होंने सेना के लिए "विजय" (VIJAY) विजन का एलान किया। यह विजन सेना को महाशक्ति बनाने के पांच बड़े स्तंभों पर आधारित है:-
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V-Vigilance (सतर्कता) - हर पल दुश्मन पर कड़ी नजर।
I - Innovation (नवाचार) -नई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल।
J -Jointness (संयुक्तता) -सभी सुरक्षा बलों का महासंगम।
A -Atmanirbharta (आत्मनिर्भरता) - स्वदेशी हथियारों और साजो-सामान पर भरोसा।
Y-Yodha First (योद्धा फर्स्ट) -देश की रक्षा करने वाले सैनिक का सम्मान सबसे पहले।
एक साथ लड़ेंगे, मिलकर जीतेंगे: सेठ
सेना प्रमुख ने 'संयुक्तता' पर सबसे ज्यादा जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में अकेले जंग नहीं जीती जा सकती। इसके लिए सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) को एक टीम की तरह लड़ना होगा। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच का यह तालमेल ही हमारी असली ताकत है। उन्होंने पूर्वोत्तर में चल रहे नागरिक-सैन्य सहयोग की भी खुलकर तारीफ की।
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सरहद पर अभेद्य पहरा और तकनीक का दम
सेना प्रमुख सबसे पहले त्रिशक्ति कोर पहुंचे। वहां जीओसी ने उन्हें सीमा की हर हलचल से रूबरू कराया। उन्होंने आधुनिक निगरानी प्रणालियों को देखा। सेना को तकनीक से लैस करने पर लंबी चर्चा हुई। इसके बाद जनरल धीरज सेठ बेंगडुबी सैन्य स्टेशन और स्पीयर कोर पहुंचे। वहां उन्होंने सेना की रसद तैयारियों (लॉजिस्टिक्स) का जायजा लिया। उनका सीधा संदेश था कि तैयारी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
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सेना का नया महामंत्र 'विजय' विजन
कठिन हालातों में तैनात जवानों से सेना प्रमुख ने सीधे बात की। उन्होंने जवानों के जज्बे को सलाम किया। इस मौके पर उन्होंने सेना के लिए "विजय" (VIJAY) विजन का एलान किया। यह विजन सेना को महाशक्ति बनाने के पांच बड़े स्तंभों पर आधारित है:-
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V-Vigilance (सतर्कता) - हर पल दुश्मन पर कड़ी नजर।
I - Innovation (नवाचार) -नई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल।
J -Jointness (संयुक्तता) -सभी सुरक्षा बलों का महासंगम।
A -Atmanirbharta (आत्मनिर्भरता) - स्वदेशी हथियारों और साजो-सामान पर भरोसा।
Y-Yodha First (योद्धा फर्स्ट) -देश की रक्षा करने वाले सैनिक का सम्मान सबसे पहले।
एक साथ लड़ेंगे, मिलकर जीतेंगे: सेठ
सेना प्रमुख ने 'संयुक्तता' पर सबसे ज्यादा जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में अकेले जंग नहीं जीती जा सकती। इसके लिए सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) को एक टीम की तरह लड़ना होगा। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच का यह तालमेल ही हमारी असली ताकत है। उन्होंने पूर्वोत्तर में चल रहे नागरिक-सैन्य सहयोग की भी खुलकर तारीफ की।