एक हफ्ते में नियुक्त हों मानवाधिकार आयोग के महानिदेशक- सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक हफ्ते के भीतर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के महानिदेशक(जांच) को नियुक्त करने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने साथ ही सरकार को चार हफ्ते के भीतर आयोग के एक सदस्य को भी नियुक्त करने के लिए कहा है।
चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने केंद्र सरकार को अपनी जिम्मेदारियों से दूर न भागने की हिदायत देते हुए आयोग के महानिदेशक(जांच) को एक हफ्ते में और सदस्य को चार हफ्ते में नियुक्त करने का आदेश दिया है।
अपनी जिम्मेदारी से न भागे सरकार
पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल से कहा, अगर हम इस मामले पर गौर करने लगे तो आपको परेशानी हो सकती है। इसलिए अपनी जिम्मेदारी से न भागे।
पीठ ने सरकार से कहा कि आप इन पदों को भरने में देरी नहीं कर सकते। इससे पहले पिंकी आनंद ने पीठ को बताया कि केबिनेट की चयन समिति ने महानिदेशक(जांच) की नियुक्ति क्लीयर कर दी है। वहीं एक सदस्य की नियुक्ति की प्रक्रिया फिर से करनी होगी क्योंकि चयनित सदस्य से इस पद को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने पीठ ने इन नियुक्तियों को भरने के लिए कम से कम चार हफ्ते का समय देने की गुहार की। लेकिन पीठ ने कहा कि आपको बहुत समय मिल चुका है। सदस्य का पद तीन वर्षों से रिक्त है। बहरहाल पीठ ने महानिदेशक(जांच) की नियुक्ति के लिए एक हफ्ते और सदस्य की नियुक्त के लिए चार हफ्ते का वक्त दिया है। शीर्ष अदालत राधाकांत त्रिपाठी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।