लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा से गठबंधन नहीं तोड़ेगा अपना दल
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उत्तर प्रदेश में भाजपा की महत्वपूर्ण सहयोगी अपना दल आगामी लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी से गठबंधन नहीं तोड़ेगी। अपना दल की भाजपा से नाराजगी और हमला महज राज्य सरकार तक सीमित होने के कारण पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व भविष्य में एनडीए में टूट न होने के प्रति आश्वस्त है। भाजपा नेतृत्व ने राज्य सरकार और राज्य इकाई को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के यूपी दौरे से पहले हर हाल में विवाद को निपटाने का निर्देश दिया है। शाह जनवरी में होने वाली पार्टी के राष्ट्रीय परिषद की बैठक से ठीक पहले या ठीक बाद में सूबे की यात्रा करेंगे।
भाजपा सूत्रों ने बताया कि शाह के माध्यम से तीन मध्यस्थों की अपना दल के अध्यक्ष आशीष पटेल से बात हुई है। इसमें राज्य सरकार की ओर से कार्यक्रमों, नीतिगत निर्णयों में पूछ न होने की शिकायत की गई है। खासतौर से मेडिकल कॉलेज उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल को न बुलाया जाना। इसी कार्यक्रम में बिहार से आने वाले दूसरे राज्य मंत्री अश्विनी चौबे को बुलाए जाने से यह नाराजगी खुल कर सामने आ गई।
इससे पहले पिछड़ा वर्ग आरक्षण में कोटा तय करने के लिए सामाजिक न्याय कमेटी गठित करने के दौरान भी कुछ नहीं पूछे जाने से पार्टी नाराज थी। आशीष पटेल ने मध्यस्थों को यह भी बताया कि उपेक्षा के बाद समस्या का सम्मानजनक हल न निकलने की स्थिति में उन पर कार्यकर्ताओं की तरफ से कड़ा निर्णय लेने का दबाव है।
राजभर मामले में बीच का रास्ता निकालने का प्रयास
केंद्रीय नेतृत्व यूपी में किसी भी सूरत में एनडीए में बिखराव होने की धारणा नहीं बनने देना चाहता है। यही कारण है कि प्रतिदिन सरकार के नीतिगत निर्णय पर सवाल उठाने वाले मंत्री राजभर मामले में भी नेतृत्व बीच का रास्ता निकालना चाहता है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक अपना दल-भाजपा विवाद बातचीत से दूर हो जाएगा। उनकी कुछ नाराजगी जायज है, जिसे जल्द दूर किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के भावी रुख के प्रति आशंका जताई।