Anti Drone System: 200 युवा IPS और कमांडेंट जानेंगे 'मित्र' और 'दुष्ट' ड्रोन का भेद, एजेंसियां बनेंगी हाईटेक
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विस्तार
देश में 'मित्र ड्रोन व दुष्ट ड्रोन' का भेद जानने के लिए 200 युवा आईपीएस और सीएपीएफ कमांडेंट को तैयार किया जा रहा है। इन अफसरों को ऐसी तकनीक से अवगत कराया जाएगा, जिसकी मदद से शत्रु के ड्रोन की पहचान कर उसे उड़ान के दौरान ही यानी लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही खत्म कर दिया जाए। मित्र ड्रोन के मार्फत, दुष्ट ड्रोन पर नजर रखी जाएगी। ये भी हो सकता है कि सुरक्षा बलों का मित्र ड्रोन ही, दुष्ट ड्रोन को खत्म कर दे। प्रवर्तन एजेंसियां, बल गुणक के रूप में ड्रोन का इस्तेमाल करेंगी। दुष्ट ड्रोन द्वारा उत्पन्न खतरों को बेअसर करने के लिए काउंटर ड्रोन क्षमता विकसित की जाएगी। साइबर अपराध प्रबंधन क्षमता, भविष्यवाणी और स्मार्ट पुलिसिंग के लिए नए युग की तकनीकें एवं स्टार्टअप की मदद लेकर प्रवर्तन एजेंसियों के भविष्य को आकार दिया जाएगा।
नई तकनीकों को अपनाना समय की मांग
गृह मंत्रालय के अधीन पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) के तहत इस दिशा में काम शुरू हुआ है। इसमें फिक्की का विशेष सहयोग रहेगा। बीपीआरएंडडी मुख्यालय में शुक्रवार और शनिवार को दो दिवसीय चौथा युवा पुलिस अधीक्षक सम्मेलन आयोजित किया गया। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया है। सम्मेलन का विषय 'साइबर अपराध प्रबंधन, ड्रोन और काउंटर ड्रोन में नवाचार व अनुसंधान' था। नित्यानंद राय का कहना था कि आज के अपराध परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए, आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ सीमा सुरक्षा के लिए नई तकनीकों को अपनाना समय की मांग है। औद्योगिक क्रांति 4.0 के क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ड्रोन और काउंटर-ड्रोन, एआर/वीआर जैसे पहलू लोगों का जीवन बदल रहे हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को औद्योगिक प्रगति के साथ अपनी गति बनाए रखने और अपराध के बदलते तौर-तरीकों को समझना होगा। आम लोगों से उनकी गाढ़ी कमाई लूटने और फर्जी खबरें व सांप्रदायिक जहर फैलाने के लिए साइबर अपराध का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए हम सभी को नवीनतम तकनीकों से परिचित होना पड़ेगा।
बीपीआरएंडडी निभा रही है ये जिम्मेदारी
डीजी, बीपीआरएंडडी बालाजी श्रीवास्तव ने कहा, आधुनिकीकरण कभी भी समाप्त नहीं हो सकता है, क्योंकि औद्योगिकी जगत, सुरक्षा और अपराध प्रबंधन क्षेत्र में लगातार नई तकनीकों व क्षमताओं पर मंथन कर रहा है। बीपीआरएंडडी पर पुलिस आधुनिकीकरण से संबंधित नवीनतम तकनीकों, उत्पादों, सर्वोत्तम परिपाटियों की प्रदर्शनी, निदर्शन के माध्यम से उद्योग जगत, अकादमिक जगत और राष्ट्रीय महत्व के तकनीकी संस्थानों व कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच लगातार मिलन बिंदु का निर्माण करने की जिम्मेदारी है। बीपीआरएंडडी में एडीजी नीरज सिन्हा के अनुसार, देश के युवा पुलिस अधीक्षकों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कमांडेंटों के बीच साइबर अपराध प्रबंधन, ड्रोन, काउंटर ड्रोन जैसे क्षेत्रों में व प्रिडिक्टिव पुलिसिंग, अपराध संबंधित डेटा विश्लेषण, भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, निगरानी तथा सीसीटीवी उपकरण आदि जैसे अन्य संबंधित क्षेत्रों में नवीनतम तकनीकों के संबंध में जागरूकता पैदा की जाएगी।
कुकर्मी चेहराविहीन हैं, कम लागत में अपराध
फिक्की के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शुभ्रकांत पांडा ने कहा, 'निरापद, भलीभांति सुरक्षित कामकाज और रहन-सहन का वातावरण देश की आर्थिक प्रगति के लिए बहुत जरूरी है। तकनीकी विकास की तेज गति से निस्संदेह जीवन बदल रहा है। वहीं दूसरी ओर, नए तरह के अपराध और सुरक्षा चुनौतियां भी हैं। कुकर्मी चेहराविहीन हैं और ऐसे अपराधों को अंजाम देने की लागत अकसर बहुत कम होती है। यह बात सुरक्षा बलों के लिए चुनौती खड़ी करती है। फिक्की की होमलैंड सिक्योरिटी कमेटी के अध्यक्ष राहुल चौधरी ने कहा, 'सुरक्षा और विकास क बीच चोली-दामन का संबंध है। पुलिस और अच्छी पुलिसिंग का मतलब केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं है, बल्कि इससे अंततः संवृद्धि और विकास का मार्ग प्रशस्त होता है, और यह लाभांश शांति, समृद्धि और सुशासन वापस लाता है।
दुष्ट ड्रोनों द्वारा पैदा किए गए खतरों को करेंगे बेअसर
सम्मेलन में 'प्रवर्तन एजेंसियों के लिए बल गुणक के रूप में ड्रोन' और 'दुष्ट ड्रोनों द्वारा पैदा किए गए खतरों को बेअसर करने के लिए काउंटर ड्रोन क्षमता' पर कई सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों का उद्देश्य राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए आधुनिक समय की चुनौतियां को समझना है। इन्हें ड्रोन-आधारित समाधानों से कैसे दूर किया जा सकता है और दुष्ट ड्रोनों से उभरने वाले संभावित खतरों की खोज करना व उनका पता लगाने, उन्हें रोकने और बेअसर करने के समाधानों की तलाश करना है। प्रख्यात विशेषज्ञों ने असामाजिक और राष्ट्र-विरोधी तत्वों के खिलाफ रक्षात्मक व आक्रामक दोनों उपायों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने में प्रवर्तन एजेंसियों की मददगार संभावनाओं से भरी तकनीक के रूप में ड्रोन की भूमिका पर चर्चा की। बीपीआरएंडडी पुलिस आधुनिकीकरण से संबंधित नवीनतम तकनीकों, उत्पादों, सर्वोत्तम प्रथाओं के प्रदर्शनों के माध्यम से उद्योग, अकादमिक और राष्ट्रीय महत्व के तकनीकी संस्थानों एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों जैसे प्रौद्योगिकी हितधारकों के बीच लगातार एक इंटरफेस बना रहा है।