पांच राज्यों में चुनाव के लिए हुआ तारीखों का ऐलान
- 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 824 विधानसभा सीटो पर चुनाव
- चुनाव में 17 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे
- नोटा के लिए नया चिन्ह बनाया गया
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निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के तिथि की घोषणा कर दी है। इन पांच राज्यों तमिलनाडु में 234, असम में 126, पश्चिम बंगाल में 294, पुडुचेरी में 30 और केरल में 140 विधानसभा सीटे हैं
इन चुनावों में 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 824 विधानसभा सीटो पर चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। सभी राज्यों में तत्काल प्रभाव से आचार संहित लागू कर दी गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने प्रेस कांफ्रेस में बताया कि इस चुनाव में 17 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे और जिन भी मतदाताओं को अपना नाम सूची में दर्ज कराना हो, वे प्रत्याशी के नामंकन तिथि से दस दिन पहले करा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि असम में चुनाव 2 चरण में होगा। पहले चरण में 65 विधानसभा सीटो के लिए मतदान होगा वहीं दूसरे चरण में 61 सीट चुनावी प्रक्रिया में शामिल होंगे। असम में पहले चरण का चुनाव 4 अप्रैल और दूसरे चरण का चुनाव 11 अप्रैल को होगा।
पश्चिम बंगाल में चुनाव 6 चरणों में होंगे। पहले चरण में 4 और 11 अप्रैल, दूसरे चरण में 17 अप्रैल, तीसरे चरण में 21 अप्रैल, चौथे चरण के लिए 25 अप्रैल, पांचवे चरण के लिए 30 अप्रैल और छठें चरण के लिए 5 मई को मतदान होना सुनिश्चित किया गया है।
केरल, पुदुचेरी और तमिलनाडु 1 चरण में ही चुनाव संपन्न कराए जाएंगे और यहां 16 मई को ही मतदान कराना सुनिश्चित किया गया है। मतगणना सभी राज्यों में 19 मई को संपन्न कराया जाएगा और चुनावी प्रक्रिया सभी राज्यों में 21 मई को खत्म हो जाएगी।
इन चुनावों में नोटा के लिए नया चिन्ह बनाया गया है और मतदाताओं में प्रत्याशी को मतदान करने के दौरान कोई दुविधा न हो इसलिए सभी प्रत्याशियों के नाम के आगे इवीएम मशीन में उनकी फोटो भी लगाई जाएगी।
नसीम जैदी ने बताया कि इन चुनावों में सुरक्षा के मद्देनजर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के लिए कुछ दिनों के भीतर चुनाव आयोग के ऑब्जर्वर्स चुनावी राज्यों में जाएंगे और सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट देंगे।
उन्होंने कहा कि आज की तिथि से पांचों राज्य के अफसर उनकी निगरानी में रहेंगे और चुनाव के दौरान यदि उन्होंने किसी भी तरह का पक्षपात किया तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जो भी पुलिस इन्सपेक्टर किसी विधानसभा क्षेत्र अथवा जिले में 3 साल से ज्यादा कार्य कर चुके होंगे, उनका स्थानांतरण भी किया जाएगा।