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अमर उजाला पोलः सर्जिकल अटैक पर होने वाली बयानबाजी राजनीति से प्रेरित
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 08 Oct 2016 05:56 PM IST
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- फोटो : पोल
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सेना द्वारा सर्जिकल हमला किए जाने के बाद देश में सर्जिकल हमले को लेकर राजनीति बहस निजी आरोपों-प्रत्यारोपों तक पहुंच गई है। एक तरफ बीजेपी जहां इस मुद्दे को जोर-शोर से भुनाने का प्रयास कर रही है तो वहीं बीजेपी की विरोधी पार्टियों सर्जिकल आपरेशन के होने या ना होने के साथ बीजेपी के इसके श्रेय लेने पर आपत्ति जता रही हैं।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सबसे पहले इस बारे में प्रश्न उठाया। एक वीडियो जारी करते हुए केजरीवाल ने मोदी के इस काम की पीथ तो थपथपाई लेकिन साथ में यह मांग कर डाली कि इस सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो जारी किया जाए।
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उनकी इस मांग के बाद सर्जिकल आपरेशन जैसी विशुद्घ सैन्य प्रतिक्रिया पूरी तरह से राजनीतिक रंग में आ गई। किसान सभा के समापन के मौके पर बोलते हुए राहुल गांधी ने इस मसले पर राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें खून की दलाली करने वाला कहा। राहुल के बयान के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राहुल के मूल पर ही सवाल उठा दिए।
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आरोप और प्रत्यारोपों का यह सिलसिला कपिल सिब्बल और रविशंकर प्रसार की प्रेस कांफ्रेंस में भी चलता रहा। सर्जिकल हमले को लेकर हर राजनीति पार्टी एक राजनीतिक स्टैंड लेती हुई दिख रही है।
अमर उजाला ने इस मामले में ऑनलाइन पोल कराया। हमने अपने इस पोल में लोगों से पूछा था कि क्या "सर्जिकल स्ट्राइक पर हो रहीं बयानबाजी क्या हर पार्टी का चुनावी पैतरा है?"
इस पोल के उत्तर में ज्यादातर लोगों का कहना यही रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक पर जो बयान आ रहे हैं वह पार्टियों के चुनावी पैतरे हैं। पोल में शामिल लगभग 86 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सर्जिकल अटैक के बाद होने वाली बयानबाजी राजनीति से प्रेरित है।
लगभग 13 प्रतिशत लोगों ने माना कि ये बयान राजनीति से प्रेरित नहीं हैं। दो प्रतिशत लोग ऐसे रहे हैं जो किसी फैसले तक नहीं पहुंच सके हैं।