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अमर उजाला पोल: सार्क में पाक को अलग-थलग करना बड़ी कूटनीतिक जीत

Thu, 29 Sep 2016 05:11 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 29 Sep 2016 05:11 PM IST
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amar ujala poll: sidelining pakistan in saarc is big victory for india
amar ujala poll
उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान को विश्व समुदाय में अलग-थलग करने की कूटनीतिक कवायद के तहत भारत ने पाकिस्तान को तगड़ा झटका देते हुए सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने से इंकार कर दिया। सार्क के अध्यक्ष देश नेपाल को संदेश भेज कर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच नवंबर में होने वाली सार्क की 19वीं बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिस्सा नहीं लेंगे। भारत की इस पहल में अफगानिस्तान, भूटान और बांग्लादेश का भी साथ मिला, जिन्होंने 9 और 10 नवंबर को होने वाले सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने से मना कर दिया है। 
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अफगानिस्तान, भूटान और बांग्लादेश के साथ आने के बाद पाकिस्तान इस मुद्दे् पर अलग-थलग पड़ता दिख रहा है वहीं सार्क सम्मेलन पर भी रद्द होने के संकट मंडराने लगे हैं। ऐसे में भारत इसे अपनी बड़ी कूटनीतिक जीत बता रहा है। अमर उजाला ने इसी मुद्दे पर अपने पाठकों से रायशुमारी की। अमर उजाला ने ऑनलाइन पोल के जरिए पाठको से पूछा कि, 'सार्क में पाकिस्तान को अलग-थलग करना भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत है?' इस पोल में 6 हजार से अधिक पाठकों ने हिस्सा लिया। सर्वाधिक पाठकों की यही राय थी कि हां, सार्क में पाकिस्तान को अलग-थलग करना भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत है।
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पोल में पाठकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए तीन विकल्प दिए गए थे। पहला-हां, भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है । दूसरा-नहीं, इसमें कूटनीतिक जीत वाली कोई बात नहीं है। तीसरा- कह नहीं सकते। कुल शामिल 6,283 पाठकों में से 5,685 पाठक यानी 90.48 फीसदी ने कहा कि सार्क में पाकिस्तान को अलग-थलग करना भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत है।
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पोल में शामिल 457 पाठक यानी 7.27 फीसदी ने कहा कि नहीं, सार्क में पाकिस्तान को अलग-थलग करना भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत नहीं है। वहीं पोल में शामिल 141 यानी 2.24 फीसदी पाठकों ने कहा कि वो इस मामले में कुछ कह नहीं सकते।
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