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अमर उजाला पोल: कालेधन पर लगाम कसने के लिए आम आदमी को परेशान करना गलत
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 18 Nov 2016 05:41 PM IST
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देशभर में नोटबंदी की वजह से बैंकों के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद आम आदमी को परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। लोगों को हो रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार नई-नई गाइडलाइन जारी कर रही है जिसमें कभी स्याही और शादी के लिए 2.5 लाख रुपये निकालने की इजाजत शामिल हैं।
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इस बीच गुरुवार को आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पास पैसों की कोई कमी नहीं है और हर संभव कोशिश की जा रही है ताकि जरूरतमंद को पैसे की कमी न झेलनी पड़े। मोदी सरकार सरकार ने नोटबंदी को कालेधन पर लगाम लगाने के लिए लागू किया है। सरकार की तमाम कसरत के बावजूद भी आम आदमी की परेशानियां कम होने का नाम नहीं हो रही हैं। नोटबंदी के चलते देशभर के अलग अलग हिस्सों से बेबसी नई नई कहानियां सुनने को सामने आ रही हैं।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल किया। पोल में सवाल पूछा गया, 'क्या कालेधन पर लगाम कसने के लिए आम आदमी को परेशानी में डालना सही है?' पोल में कुल 19,261 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे अधिक 65.05 फीसदी यानी 12,530 पाठकों का जवाब था कि कालेधन पर लगाम कसने के चक्कर में आम आदमी को परेशानी में डालना सही नहीं है।
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यानि साफ था कि सरकार के कुछ कदम आदमी की मदद करने के बजाय उसके लिए मुसीबत बढ़ाने वाले हो गए हैं। 33.30 फीसदी यानी 6,413 पाठकों ने का मानना है कि मोदी सरकार का फैसला सही है और इससे आम लोगों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। वहीं 1.65 फीसदी यानी 318 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।