अमर सिंहः उद्योगपति से राजनेता बने, मुलायम सिंह के खास रहे और सपा से रिश्ता बनता-बिगड़ता रहा
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एक समय पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव के दाहिने हाथ माने जाने वाले, उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता अमर सिंह का निधन हो गया। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अमर सिंह अपने अपने शायराना अंदाज से एक अलग ही पहचान रखते थे। उद्योगपति से राजनेता बने, अमर सिंह समाजवादी पार्टी के महासचिव भी रहे। आइए जानते हैं उनकी जिंदगी का सफरनामा।
- प्रारंभिक जीवन : अमर सिंह का जन्म 27 जनवरी 1956 को अलीगढ़ में हुआ। उनके पिता का नाम हरीश चंद्र सिंह और माता का नाम शैल कुमारी सिंह था।
- शिक्षाः बी.ए., एलएलबी की डिग्री प्राप्त की और सेंट जेवियर्स कॉलेज, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लॉ, कोलकाता में आगे की पढ़ाई की।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि : अमर सिंह ने 1987 में पंकजा कुमारी सिंह से शादी की और 14 साल बाद पिता बने। अप्रैल 2001 में उनकी दो जुड़वा बेटियां हुईं। इन बेटियों के नाम दृष्टि और दिशा है।
छह जनवरी 2010 को उन्होंने समाजवादी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया और बाद में दो फरवरी 2010 को पार्टी प्रमुख, मुलायम सिंह यादव द्वारा उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। उन्होंने 2011 में न्यायिक हिरासत में एक संक्षिप्त अवधि बिताई। अंततः अमर सिंह ने राजनीति से संन्यास ले लिया। मगर 2016 में उनकी सपा में वापसी हुई और एक बार फिर राज्य सभा सदस्य के रूप में संसद पहुंचे।
राजनीतिक सफर
- नवंबर 1996 में वे समाजवादी पार्टी के समर्थन से पहली बार राज्य सभा के सदस्य चुने गए।
- वह 2002 और 2008 में भी राज्य सभा के लिए चुने गए।
- छह जनवरी 2010 को उन्होंने समाजवादी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।
- अमर सिंह ने 2011 में राष्ट्रीय लोक मंच के नाम से अपनी पार्टी बनाई ।
- 2012 के विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश की 403 सीटों में से 360 पर अपने उम्मीदवार खड़े किए।
- मार्च 2014 में राष्ट्रीय लोकदल पार्टी में शामिल हो गए, फतेहपुर सीकरी से लोकसभा चुनाव लड़े और हार गए।
- 2016 में सपा में वापसी हुई और एक बार फिर राज्य सभा सदस्य के रूप में संसद पहुंचे।
विवाद
2008 में मनमोहन सरकार द्वारा विश्वास मत हासिल करने की बहस के दौरान भाजपा के सांसदों ने आरोप लगाया कि मनमोहन सरकार ने अमर सिंह के माध्यम से उनके वोट खरीदने की कोशिश की थी। संसद में नोटों की गड्ढी लहराने का मामला भी सामने आया। इस मामले में अमर सिंह को तिहाड़ जेल भी जाना पड़ा।
अमर सिंह और बिपाशा बसु का एक कथित ऑडियो टेप भी वायरल हुआ था। जिसके बाद राजनीति से लेकर बॉलीवुड के गलियारों में जमकर हंगामा मचा था।
अमर सिंह का कमाल
संजय दत्त और जया प्रदा को समाजवादी पार्टी में लाने का श्रेय अमर सिंह को ही जाता है। उत्तर प्रदेश के लिए शीर्ष कारोबारियों को एक मंच पर लाना हो, या फिर समाजवादी पार्टी को चमक दमक वाली राजनीतिक पार्टी के रूप में पेश करना, ये सब अमर सिंह का ही कमाल था।