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आधार डेटा लीक की खबर करने वाली पत्रकार पर FIR की चौतरफा आलोचना
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Tue, 09 Jan 2018 02:58 AM IST
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आधार कार्ड
- फोटो : Getty Images
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आधार डेटा लीक मामले की खबर करने वाली पत्रकार पर एफआईआर किए जाने का चौतरफा विरोध शुरू हो गया। सोमवार को भी मीडिया से जुड़े कई संगठनों ने खुलकर अपना विरोध जताया और इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया। दरअसल एक पत्रकार ने एक अरब से अधिक आधार कार्ड की जानकारी लीक होने की रिपोर्ट की थी। खबर सामने आने के बाद आधार की देखरेख करने वाली संस्था यूआईडीएआई ने पत्रकार के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज करा दिया है।
अखबारों के परिसंघ और समाचार एजेंसी कर्मचारी संगठन ने एक बयान में भारत के अद्वितीय पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की आलोचना की है। इसमें कहा गया कि कानूनी कार्रवाई करने के बजाय अगर रिपोर्ट में कोई गलती है तो उसे सामने लाएं। यह कार्रवाई प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले के बराबर है और इसके साथ ही यह किसी भी संस्था के खिलाफ रिपोर्टिंग करने पर रोक लगाने जैसा है।
पढ़ें- 4 स्टेप्स और घर बैठे मिनटों में अपडेट हो जाएगा आधार कार्ड, फॉलो कीजिए
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यूआईडीएआई अधिकारियों की शिकायत ट्रिब्यून समाचार पत्र की रिपोर्ट के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज किया है। अखबार की एक रिपोर्टर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419 (गलत पहचान दे कर धोखा देना), 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी) और 471 (नकली दस्तावेज को सही बता कर इस्तेमाल करने) के साथ ही आईटी एक्ट की धारा 66 और आधार एक्ट की धारा 36/37 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
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अखबारों के परिसंघ और समाचार एजेंसी कर्मचारी संगठन ने एक बयान में भारत के अद्वितीय पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की आलोचना की है। इसमें कहा गया कि कानूनी कार्रवाई करने के बजाय अगर रिपोर्ट में कोई गलती है तो उसे सामने लाएं। यह कार्रवाई प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले के बराबर है और इसके साथ ही यह किसी भी संस्था के खिलाफ रिपोर्टिंग करने पर रोक लगाने जैसा है।
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यूआईडीएआई अधिकारियों की शिकायत ट्रिब्यून समाचार पत्र की रिपोर्ट के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज किया है। अखबार की एक रिपोर्टर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419 (गलत पहचान दे कर धोखा देना), 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी) और 471 (नकली दस्तावेज को सही बता कर इस्तेमाल करने) के साथ ही आईटी एक्ट की धारा 66 और आधार एक्ट की धारा 36/37 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
यह है मामला
आधार कार्ड
अंग्रेजी दैनिक ‘द ट्रिब्यून‘ ने एक रिपोर्ट छापी थी और बताया था कि किस तरह व्हाट्सऐप में गुमनाम विक्रेता थोड़े पैसे के लिए किसी के भी आधार डेटा तक पहुंच दे रहे हैं। खबर में कहा गया था कि अगर आपको आधार डेटा चाहिए तो बस पेटीएम के माध्यम से 500 रुपये देना होगा और 10 मिनट के अंदर आपको सारी जानकारी मिल जाएगी। एक रैकेट है जो कि गेटवे नाम के माध्यम से आपको लॉग इन और पासवर्ड देगा। इसके बाद आप किसी का भी आधार नंबर उसमें डालिए आपको उस नंबर पर उपलब्ध सारी जानकारियां मिल जाएंगी।
शत्रुघ्न सिन्हा ने बोला जोरदार हमला
इस मामले पर भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आश्चर्य जताया कि क्या देश के लोग एक बिना कानून वाले गणतंत्र में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधार का दुरुपयोग सामने लाने के लिए जिस पत्रकार ने खबर की उसे ही कथित सच्चाई को सामने लाने के लिए परेेशान किया जा रहा है। आखिर यह किस तरह का न्याय है? क्या यहां केवल प्रतिशोध की ही राजनीति होती है? यहां तक की देश और समाज के लिए सच बोलने पर आम लोगों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है।
सरकार ने कहा, प्रेस की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध
पत्रकार पर एफआईआर के बाद आलोचना होने पर कानून एवं सूचना प्रसारण मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा कि सरकार प्रेस की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है और यह एफआईआर अज्ञात संस्थाओं के खिलाफ दर्ज कराया गया है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि सरकार प्रेस की स्वतंत्रता के साथ-साथ भारत के विकास के लिए आधार की सुरक्षा और पवित्रता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
शत्रुघ्न सिन्हा ने बोला जोरदार हमला
इस मामले पर भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आश्चर्य जताया कि क्या देश के लोग एक बिना कानून वाले गणतंत्र में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधार का दुरुपयोग सामने लाने के लिए जिस पत्रकार ने खबर की उसे ही कथित सच्चाई को सामने लाने के लिए परेेशान किया जा रहा है। आखिर यह किस तरह का न्याय है? क्या यहां केवल प्रतिशोध की ही राजनीति होती है? यहां तक की देश और समाज के लिए सच बोलने पर आम लोगों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है।
सरकार ने कहा, प्रेस की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध
पत्रकार पर एफआईआर के बाद आलोचना होने पर कानून एवं सूचना प्रसारण मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा कि सरकार प्रेस की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है और यह एफआईआर अज्ञात संस्थाओं के खिलाफ दर्ज कराया गया है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि सरकार प्रेस की स्वतंत्रता के साथ-साथ भारत के विकास के लिए आधार की सुरक्षा और पवित्रता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।