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'कामसूत्र' होगा एयरलाइंस का नाम, कोशिश है कि रीझ जाएं भारत के लोग
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 01 Sep 2016 11:11 AM IST
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स्कूट सिंगापुर एयरलाइंस
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प्राचीन भारतीय ग्रंथ कामसूत्र आज भी दुनिया में अपना खास मुकाम रखता है। विदेशी सैलानियों के दिमाग में भारत की जो तस्वीर बनती है उसमें 'कामसूत्र' भी एक है। सिंगापुर एयरलाइंस की यूनिट 'स्कूट' ने खुद को भारत से जोड़ने से लिए अब इसी नाम का सहारा लेने का फैसला किया है। एयरलाइंस ने अपने 12 वें बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का नाम 'कामास्कूत्रा' रखने का फैसला किया है। एयरलाइंस इस विमान का इस्तेमाल भारतीय रूट्स पर करेगी। यह नाम कामसूत्र और स्कूट को मिलाकर बनाया गया है।
स्कूट इंडिया के मुखिया भारत महादेवन ने बताया, 'हम ऐसा नाम चाहते थे जिसका भारत से करीबी नाता हो, जो थोड़ा आसान और चुटीला भी हो। पहले हमने रजनीकांत के निकनेम तलैवा या सचिन तेंदुलकर से संबंधित कुछ रखने के बारे में सोचा। आखिरकार हमने 'कामास्कूत्रा' को चुना।
एयरलाइंस की सिंगापुर-जयपुर की पहली उड़ान में 'कामास्कूत्रा' विमान का इस्तेमाल किया जाएगा जो 2 अक्टूबर से शुरू होगी। स्कूट ने इस साल मई में चेन्नई और अमृतसर से अपना परिचालन शुरू किया था।
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स्कूट इंडिया के मुखिया भारत महादेवन ने बताया, 'हम ऐसा नाम चाहते थे जिसका भारत से करीबी नाता हो, जो थोड़ा आसान और चुटीला भी हो। पहले हमने रजनीकांत के निकनेम तलैवा या सचिन तेंदुलकर से संबंधित कुछ रखने के बारे में सोचा। आखिरकार हमने 'कामास्कूत्रा' को चुना।
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एयरलाइंस की सिंगापुर-जयपुर की पहली उड़ान में 'कामास्कूत्रा' विमान का इस्तेमाल किया जाएगा जो 2 अक्टूबर से शुरू होगी। स्कूट ने इस साल मई में चेन्नई और अमृतसर से अपना परिचालन शुरू किया था।
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क्यों खास है कामसूत्र
कामसूत्र
'कामसूत्र' एक प्राचीन ग्रंथ है जिसे महर्षि वात्स्यायन द्वारा लिखा गया है। यह ग्रंथ एक कामशास्त्र (Sexology) है, जिसमें संभोग और कामक्रीड़ा के विभिन्न आसनों के बारे में बताया गया है। इसे दुनिया के सेक्स विषय पर लिखे गए सबसे प्राचीन ग्रंथ के तौर पर देखा जाता है। दुनिया की कई भाषाओं में इस ग्रंथ का अनुवाद हो चुका है और सैकड़ों फिल्मों में इससे इनपुट लिए जा चुके हैं।