मिसाइल रक्षा कवच से लैस होगा पीएम-राष्ट्रपति को ले जाने वाला विमान, अमेरिका से हुई 1200 करोड़ की डील
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राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ले जाने वाले विमान को अब कोई भी मिसाइल हमला बाल बांका भी नहीं कर पाएगा। दरअसल, भारत ने अमेरिका के साथ वीवीआईपी को ले जाने वाले दो नए बोइंग वीवीआईपी विमानों को मिसाइल रक्षा कवच से लैस करने के लिए 1200 करोड़ रुपये का एक करार किया है।
सरकार के सूत्रों ने बताया कि दो बोइंग-777 को जिन्हें एयरफोर्स वन कोड नाम दिया गया है, वे मिसाइल रक्षा कवच से लैस होंगे और ये किसी भी मिसाइल हमले को नाकाम करने में भी सक्षम साबित होंगे। सूत्रों ने बताया कि दो सरकारों के बीच यह विदेशी सैन्य करार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो दिवसीय दौरे के वक्त हुआ था।
मगर, भारत को दिए जाने वाले इन सुरक्षा कवच की बिक्री की मंजूरी हाल ही में अमेरिकी प्रशासन और उसकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने दी है। सैन्य श्रेणी के ये दोनों विमान वीवीआईपी की सेवा में लगने के लिए अगले साल के मध्य तक उपलब्ध हो सकेंगे। भारतीय वायुसेना के अफसरों ने अमेरिकी कंपनी बोइंग के कारखानों का नियमित तौर पर दौरा कर सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से इन विमानों की प्रगति की जानकारी ली है।
पहले इन विमानों का मालिकाना हक एयर इंडिया के पास था, जो वीवीआईपी के लिए अपने चार बोइंग 747 विमानों का संचालन करती है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप के दौरे के वक्त भारतीय नौसेना को 24 एमएच60 रोमियो बहुआयामी हेलिकॉप्टर और सेना को छह नए अपाचे हमलावर हेलिकॉप्टर दिए जाने से संबंधित करार हुआ था।
इन खासियतों से होंगे लैस ये विमान
- इंफ्रारेड और इलेक्ट्रॉनिक जंगी तकनीक लगी होंगी।
- मिसाइल चेतावनी प्रणाली और मिसाइलों को दूर करने में सक्षम।
- दुश्मन की रडार प्रणाली को नाकाम करने में सक्षम।
- ईंधन भरने के बाद भारत और अमेरिका के बीच बिना रुके उड़ान भर सकेगा।
- चालक दल के हरकत में आने के पहले ही मिसाइल प्रणालियों को रोक सकेगा।
- पायलट को मिसाइल की सूचना देकर सिस्टम उसे वहीं जाम कर देगा।
अभी क्या है स्थिति
फिलहाल प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति एयर इंडिया के बोइंग बी 747 विमानों का प्रयोग करते हैं। ये करीब दो दशक से अधिक पुराने हैं। राष्ट्रपति को ले जाने वाला विमान तो करीब 26 साल से सेवा में है। बताया जा रहा है कि नए एयरफोर्स वन विमानों में ऑफिस की जगह, बैठक कक्ष और संचार प्रणालियां होंगी।