Agnipath protest: सेना में भर्ती की नई योजना का सरकार का इरादा सही, मंत्री मुरलीधरन बोले- कुछ लोग भ्रमित होकर कर रहे आंदोलन
मुरलीधरन ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं की चिंता पर हमेशा विचार करती है और उनके प्रति जिम्मेदार है। सरकार सही इरादे के साथ योजना लाई है।
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सेना में युवाओं की भर्ती के लिए सरकार द्वारा घोषित 'अग्निपथ' स्कीम के विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने इसका बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना सही इरादे से लाई गई है, लेकिन कुछ लोग भ्रमित होकर आंदोलन कर रहे हैं।
शुक्रवार को देश के 15 राज्यों में इस योजना को लेकर युवा सड़कों पर उतर आए। ट्रेनों व सड़कों को जाम किया गया। कई ट्रेनों में आग लगा दी गई। हिंसक प्रदर्शन में दो लोगों की मौत हो गई, वहीं कई घायल हुए हैं। दर्जनों ट्रेनों को निरस्त करना पड़ा तो कई को बीच में रोका गया। सार्वजनिक संपत्तियों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया गया। उधर, सरकार ने इस योजना में सेना में भर्ती की अधिकतम आयु सीमा 21 से दो साल बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी है।
केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री मुरलीधरन ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं की चिंता पर हमेशा विचार करती है और उनके प्रति जिम्मेदार है। सरकार सही इरादे के साथ योजना लाई है, लेकिन हो सकता है कुछ लोग भ्रामक जानकारी के कारण अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे हों। उन्हें समझना होगा कि सरकार व पीएम नरेंद्र मोदी युवाओं के चिंताओं के प्रति हमेशा सजग रहते हैं और उन्हें दूर करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
सेना प्रमुख ने किया योजना का बचाव
उधर, सरकार व तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने भी इस योजना का बचाव किया है। उनका कहना है कि यह योजना युवाओं को देश सेवा का अवसर प्रदान करेगी। सैन्य सेवाएं उन्हें अच्छे रोजगार के उपयुक्त बनाएंगी। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि युवा शायद अग्निपथ योजना के निहितार्थ को पूरी तरह से नहीं समझ पाए हैं। इसके कारण उनके मन में आशंकाएं हैं। जब वे इसे समझ लेंगे तो महसूस करेंगे यह उनके व सेना के लिए अच्छी योजना है। इसी तरह नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि यह भर्ती मॉडल की शुरुआत कारगिल समीक्षा समिति की सिफारिशों के अनुरूप है।
सेना रोजगार पैदा करने का माध्यम नहीं
नौसेना प्रमुख ने कहा कि कहा कि सेना कोई रोजगार पैदा करने का जरिया नहीं है। आप सेना में राष्ट्रभक्ति की भावना से भर्ती होते हैं। जिनके मन में देश की रक्षा का भाव होता है वो सेना में भर्ती होते हैं। जब 75 फीसदी अग्निवीर रिटायर होंगे तब वे युवा होंगे और काम करने के लिए पूरी दुनिया उनकी होगी।