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राम मंदिर मुद्दा बातचीत से सुलझना होता तो सुलझ गया होताः फैसले पर प्रतिक्रियाएं

Tue, 21 Mar 2017 02:41 PM IST
amarujala.com- Written by : आनंद
amarujala.com- Written by : आनंद Updated Tue, 21 Mar 2017 02:41 PM IST
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After the Supreme Court's remarks, different reactions from political corridors
सुप्रीम कोर्ट
सु्प्रीम कोर्ट ने अयोध्या में विवादित ढांचे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मुद्दे को आपसी बातचीत से सुलझायें तो ज्यादा बेहतर होगा। सर्वोच्च न्यायालय की इस टिप्पणी के बाद बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि हम राम मंदिर के मामले को सुलझाने के लिए तैयार है साथ ही इस मामले में समझौता करने को भी तैयार है।
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उन्होंने कहा कि वहां पर राम मंदिर पहले से ही था, इसलिए राम मंदिर वहीं बनना चाहिए। मस्जिद कहीं पर भी बनाई जा सकती है। मुस्लिम सरयू नदी के पार भी मस्जिद बना सकते है। मुस्लामान सड़क पर भी नमाज पढ़ सकते है।
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इसलिए मुस्लिम समुदाय इस सुझाव को माने, तो अच्छा होगा। वहीं इस पर आरएसएस नेता राकेश सिन्हा ने भी सुब्रमण्यम स्वामी के बयान का समर्थन करते हुए कहना कि अयोध्या में राम मंदिर पहले से ही था। इसलिए वहां राम मंदिर बनना ही चाहिए। मस्जिद का निर्माण नहीं होना चाहिए। 
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लेफ्ट पार्टी की तरफ से प्रतिक्रिया देते हुए सीताराम येचुरी ने कहा कि जब यह मामला बातचीत से नहीं सुलझ पाया था तभी यह कोर्ट में गया था। 
 

जो SC कहेगा उसको माना जायेगा : मुस्लिम धर्म गुरू कल्बे जव्वाद

After the Supreme Court's remarks, different reactions from political corridors
उन्होनें कहा कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिये गये फैसले का ही आधार बनता है। सिन्हा ने यह भी कहा कि बाबरी मस्जिद कमेटी अभी तक इस बात का कोई भी ठोस सबूत नहीं दे पाई है कि मस्जिद वहां पर थी। ऐसे में राम मंदिर बनाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

उधर मुस्लिम धर्म गुरू कल्बे जव्वाद का कहना है कि इस मामले में सु्प्रीम कोर्ट जो फैसला देगा उसको माना जायेगा। इससे पहले भी कोर्ट के बाहर बातचीत से मामले को सुलझाने की कोशिश की गई, मगर कोई हल नहीं निकला।

केंद्रीय कानून राज्यमंत्री पीपी चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट के बयान को सही ठहराते हुए कहा कि इस विषय पर हम कल से ही मध्यस्था शुरू करने के लिए तैयार है। आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबाले का कहना है कि सभी भारतीयों की भागीदारी से राम मंदिर बनना चाहिए। इन सभी के अलावा साधू संतों का माना है कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से राम मंदिर बनाने में तेजी आयेगी।
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