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शी जिनपिंग से वार्ता के बाद हरियाणा, महाराष्ट्र के चुनाव प्रचार में जुट जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी

Sat, 12 Oct 2019 05:38 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 12 Oct 2019 05:38 PM IST
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After Bilateral talks with Xi Jinping PM Modi will start election campaign in Haryana, Maharashtra
Narendra Modi Haryana
राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अनौपचारिक बातचीत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चीन के साथ सहयोग, सौहार्द, सद्भावपूर्व संबंध बनाए रखने में सफल रहे। प्रधानमंत्री ने भारत और चीन के रिश्तों को भविष्य की बुनियाद पर ठोस आधार देने की कोशिश की है। दोनों शिखर नेताओं की बातचीत पर पाकिस्तान समेत दुनिया के देशों की निगाहें टिकी थी। समझा रहा है कि वार्ता के नतीजों से पाकिस्तान को करारा झटका लग सकता है। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें, तो पाकिस्तान जैसे देशों की उम्मीद को गहरा झटका लगेगा, क्योंकि भारत और चीन द्विपक्षीय रिश्ते की ठोस बुनियाद पर आगे बढ़ने जा रहे हैं।
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जिनपिंग का है नेपाल दौरा

चीनी राष्ट्रपति से वार्ता के बाद मीडिया के सामने आए विदेश सचिव विजय गोखले का उत्साह देखने लायक था। जैसा कि पहले से तय था कि दोनों शिखर नेताओं की वार्ता का कोई संयुक्त बयान या घोषणा जारी नहीं की जाएगी, साथ ही किसी समझौता या आपसी सहमति पत्र पर दस्तखत नहीं होंगे। हुआ भी ठीक वैसा ही। कई दौर और कई घंटे की अनौपचारिक वार्ता के बाद शी जिनपिंग भारत से नेपाल के लिए रवाना हो गए हैं। वहां उनका दो दिवसीय दौरा है।

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चुनाव प्रचार में जुट जाएंगे प्रधानमंत्री

राष्ट्रपति शी जिनपिंग का विश्वास जीतने के बाद प्रधानमंत्री को अब महाराष्ट्र और हरियाणा की जनता का विश्वास जीतना है। इसके लिए वह अगले एक सप्ताह तक दोनों राज्यों के चुनाव प्रचार में समय देंगे। दोनों ही राज्यों में 21 अक्टूबर को मतदान होगा और 24 अक्टूबर को मतगणना होगी। 19 अक्टूबर की शाम पांच बजे तक चुनाव प्रचार किया जा सकेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र में नौ जनसभा और हरियाणा में चार जनसभा करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री की हर जनसभा में दोनों राज्यों की 15 से 20 सीटों पर असर पड़ने की उम्मीद है।

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हरियाणा में पहली जनसभा बबिता फोगाट के लिए

प्रधानमंत्री हरियाणा में 14 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक चुनाव प्रचार करेंगे। 14 अक्टूबर को वह थानेसर, कुरुक्षेत्र और चरखी दारदी में रेसलर रहीं भाजपा प्रत्याशी बबिता फोगाट के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। 2014 में देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद वह पहली बार चरखी दादरी चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे। कुरुक्षेत्र हरियाणा का केन्द्र है। 14 अक्टूबर को ही प्रधानमंत्री यहां की जनता से भाजपा प्रत्याशी को वोट देने की अपील करेंगे। 15 अक्टूबर को प्रधानमंत्री फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में मतदाताओं को संबोधित करेंगे, वहीं 18 अक्टूबर को वह हिसार में चुनाव का बिगुल बजाएंगे।


भाजपा हरियाणा में 90 में 75 सीटों का लक्ष्य लेकर चल रही है। हरियाणा सरकार के निवर्तमान स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि हम 75 नहीं बल्कि 80 सीटें ला रहे हैं, क्योंकि विपक्ष बेदम है।

13 अक्टूबर को महाराष्ट्र के जलगांव में

प्रधानमंत्री 13 अक्टूबर को महाराष्ट्र में चुनाव अभियान को धार देने जा रहे हैं। उनकी पहली जनसभा जलगांव में होगी। दूसरी जनसभा विदर्भ के भंडारा जिले के सकोली में होगी। भाजपा महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ मिलकर 200 सीटों से अधिक पाने की उम्मीद लेकर चल रही है। यहां प्रधानमंत्री के निशाने पर एनसीपी नेता शरद पवार और कांग्रेस की भ्रष्ट राजनीति रहेगी। 16 अक्तूबर को प्रधानमंत्री महाराष्ट्र में तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे। वह अकोला, परतुल (जालाना) और पनवेल (नवी मुंबई) में जनता से भाजपा-शिवसेना प्रत्याशी के लिए वोट मांगेगे। 17 अक्टूबर को प्रधानमंत्री सतारा, परली (बीड) और पुणे में विपक्षी दलों पर हमला बोलेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ-साथ भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का महाराष्ट्र में कुल 18 जनसभाओं को संबोधित करने का कार्यक्रम है।

दो राज्यों में विपक्ष में घमासान

भाजपा ने दोनों राज्यों में अभी से राहत की सांस ले ली है। महाराष्ट्र और हरियाणा में भाजपा को विपक्ष बेदम दिखाई दे रहा है। कांग्रेस पार्टी के नेता महाराष्ट्र से लेकर हरियाणा तक आपसी घमासान में जुटे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कु. शैलजा को अपने ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर समेत अन्य के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यही स्थिति महाराष्ट्र में है, जहां संजय निरुपम जैसे कांग्रेसी नेता भी बागी तेवर अपनाए हैं। ऐसे में भाजपा को दोनों ही राज्यों से बंपर जीत मिलने की उम्मीद है।

 

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