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Varanasi: ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बना रहा अदाणी स्किल डेवलपमेंट सेंटर, महिलाएं दिखा रहीं हुनर
Mon, 10 Oct 2022 07:33 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 10 Oct 2022 07:33 PM IST
सार
अदाणी स्किल डेवलपमेंट सेंटर द्वारा कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने के बाद इन महिलाओं ने पूरे जोश के साथ प्रशिक्षण में प्रवेश लिया और अगरबत्ती, पैकेजिंग, मार्केटिंग और लॉजिस्टिक्स के निर्माण के सभी पहलुओं को सीखा।
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अदाणी स्किल डेवलपमेंट सेंटर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
कुछ महीनों पहले सेवापुरी वाराणसी में अदाणी फाउंडेशन ने अपने मिशन के साथ कौशल विकास और उद्यमिता कार्यक्रम को संरेखित किया। समाज के कमजोर वर्गों के बीच उनकी जाति, पंथ, रंग देखे बिना उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के प्रयास के साथ ग्रुप की सोच है 'अच्छाई के साथ विकास', जिससे लोगों के जीवन में एक सकारात्मक परिवर्तन आए। वंचित वर्ग के लोगों के लिए फाउंडेशन ने अथक प्रयास किए हैं। चार विशेष व्यापारों में 1500 महिलाओं का कौशल विकास सिलाई, जूते बनाना, स्वेटर बनाना, धूप और धूपबत्ती बनाने के अदाणी स्किल की विशेष टीम द्वारा तीन महीने के लिए संबंधित व्यापार में महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा।
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ट्रेनिंग हब में कई प्रक्रियाएं अपनाई जा रही जिसमे संवेदीकरण सहित लामबंदी और नामांकन प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल महिलाओं का उनकी क्षमता और डोमेन व्यापार में उनके कौशल का विकास किया जा रहा। अभी हाल ही में अहमदाबाद में अदाणी ग्रुप के ग्लोबल कॉरपोरेट हाउस में ग्राम भारती के नाम से एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसमें उत्तर प्रदेश के वाराणसी के साथ अदाणी फाउंडेशन के तत्वाधान में चल रहे कई अन्य राज्यों की बहनों ने अपने हस्तशिल्प की प्रदर्शनी और बिक्री का आयोजन किया जिसमें वाराणसी के सेवापूरी मे गाय के गोबर से प्राकृतिक उत्पादों से बनी बांसमुक्त और रासायनिक-मुक्त अगरबत्ती की धूम रही और इस उत्पाद को लोगों ने हाथोंहाथ खरीद लिया। अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी और अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने इस उत्पाद से जुड़ी महिला समूहों की महिलाओं के प्रयासों की प्रशंसा की और उत्पाद को सराहा और उन्हें प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया।
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के सेवापुरी ब्लॉक के पास ये महिलाएं मुख्य रूप से गृहिणी हैं जिन्हें स्वावलंबी बनाना अदाणी फाउंडेशन का लक्ष्य है। अदाणी स्किल डेवलपमेंट सेंटर द्वारा कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने के बाद इन महिलाओं ने पूरे जोश के साथ प्रशिक्षण में प्रवेश लिया और अगरबत्ती, पैकेजिंग, मार्केटिंग और लॉजिस्टिक्स के निर्माण के सभी पहलुओं को सीखा। वर्तमान में काशी प्रेरणा सक्षम निर्माता कंपनी लिमिटेड विभिन्न मांगों के अनुरूप अगरबत्ती के विभिन्न आकार और आकार का उत्पादन करती है। यहां लगभग 300 महिलाएं हैं, परियोजना की सफलता प्रत्येक के अथक प्रयासों के कारण है। समूह प्राकृतिक उत्पादों से प्रतिदिन लगभग 80 किलोग्राम उत्पादों का उत्पादन करता है।
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बीते दिनों अपनी खुद की वेबसाइट https://gangatiri.com/about-kashi-prerna-saksham-producer-company-ltd/ की लांचिंग से ग्रामीण महिलाओं के समूह द्वारा निर्मित गंगातिरी अगरबत्ती और धूपबत्ती जैसे प्राकृतिक उत्पादों की देश-विदेश तक पहुंच होगी। गंगातिरी अगरबत्ती और धूपबत्ती प्राकृतिक उत्पादों से बने हैं जैसे; गाय का गोबर, कपूर, नारियल का तेल, गुग्गल, चंदन पाउडर, चावल का आटा व अन्य 54 प्रकार की जड़ी बूटी शामिल है। गंगातिरी एक देशी भारतीय नस्ल है, जो उत्तर प्रदेश के पूर्वी भागों में वाराणसी, गाजीपुर और बलिया जिलों में और बिहार राज्य के निकटवर्ती क्षेत्रों में गंगा नदी के आसपास पाई जाती है। इस नस्ल की वर्तमान जनसंख्या लगभग 3 से 4 लाख है, जिसमें से लगभग 67000 प्रजनन क्षेत्रों में पाए जाते हैं। काशी प्रेरणा सक्षम प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड महिलाओं का एक समूह है जो आत्मनिर्भरता के सामान्य लक्ष्य के साथ काम कर रहा है और स्थानीय महिलाओं को आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए उद्यमी बनाता है। इसके लिए 28 जुलाई 2022 को एक निजी गैर-सरकारी कंपनी को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, कानपुर में पंजीकृत किया गया है।
गंगातिरी अगरबत्ती भारत में पहली बार मुख्य रूप से गाय के गोबर से प्राकृतिक उत्पादों से बनी बांस-मुक्त और रासायनिक-मुक्त अगरबत्ती की पेशकश करती है। गंगातिरी विभिन्न भक्तों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न आकारों में उपलब्ध है। ये विभिन्न आकार और सामग्री पूजा और हवन की अवधि को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। अगरबत्तियों और धूप बत्तियों का उपयोग करने में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए इन स्टिक्स को रचनात्मक रूप से डिजाइन किया गया है। चूंकि समूह अपने दम पर निर्माण कर रहा है, इसे उत्तर प्रदेश के वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक में निर्माण इकाई के प्रशिक्षण और सेटअप के रूप में अदाणी कौशल विकास केंद्र से भारी समर्थन मिला है।
यह वित्तीय सहायता अगरबत्ती और धूपबत्ती के संचालन और निर्माण को टिकाऊ बनाने के लिए एक बड़ा कदम है क्योंकि महिलाएं पूंजीगत व्यय आवश्यकताओं की चिंता किए बिना दिन-प्रतिदिन के कार्यों में शामिल हैं। साथ ही चूंकि गंगातिरी उत्पाद प्राकृतिक स्रोतों से बनाए जाते हैं, इसलिए गांव की महिलाओं में निर्माण की बेहतर समझ होती है जो टिकाऊपन का समर्थन करती है। अदाणी कौशल विकास केंद्र (सक्षम) अदाणी फाउंडेशन की एक महत्वपूर्ण पहल हैं, जो सतत आजीविका के घटक सहयोग के तहत चलता हैं। अदाणी फाउंडेशन और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम विशेषाधिकार प्राप्त, हाशिए पर, कमजोर समाज को पुनर्जीवित करने और उनकी आजीविका को बदलने के लिए एक मंच प्रदान करता हैं। यह 19 शहरों के 30 केंद्रों में काम कर रहा है जिसने देश में 55+ व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए हैं जिसने सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों मे 90,000+ से अधिक लोगों को लाभान्वित किया है।