रिपोर्ट: परिवार के स्वामित्व वाली कंपनियों के मामले में दुनिया में तीसरे नंबर पर है भारत
हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक परिवार की स्वामित्व वाली कंपनी के मामले में दुनिया में भारत का स्थान तीसरा है। यहां ऐसी 111 कंपनियां हैं। यह रिसर्च क्रेडिट सुइस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने की है।
इस रिपोर्ट का नाम है 'सीएस फैमिली 2018'। इस मामले में चीन 159 कंपनियों के साथ पहले स्थान पर है जबकि अमेरिका 121 कंपनियों के साथ दूसरे स्थान पर है।
इस रिसर्च में दुनियाभर की परिवार के स्वामित्व वाली 1,015 कंपनियों को शामिल किया गया था। जिनका न्यूनतम मार्केट कैपिटलाइजेशन 250 मिलियन डॉलर है।
इसके लिए क्रेडिड सुइस ने पारिवारिक व्यवसायिक आधारित कंपनियों को दो मानदंडों के आधार पर चुना। पहला संस्थापकों और वंशजों द्वारा शेयरहोल्डिंग 20 फीसदी हो और दूसरा संस्थापक या वंशजों द्वारा आयोजित मतदान अधिकार कम से कम 20 फीसदी हो।
रिपोर्ट से यह भी पता चला कि बीएसई 100 में शामिल करीब 50 फीसदी कंपनियों में टॉप 100 की लिस्ट मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर बनाई गई।
जिसमें पता चला कि यह 100 कंपनियां परिवार के स्वामित्व वाली हैं। इन कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, डाबर इंडिया लिमिटेड और इमामी आदि के नाम शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार भारतीय कंपनियों की संख्या में इजाफा हुआ है। इनकी संख्या साल 2017 में 108 थी, जो कि इस साल बढ़कर 111 हो गई। वहीं चीन में यह संख्या कम हुई है।
यहां साल 2017 में यह संख्या 167 थी जो कि अब कम होकर 159 हो गई है। वहीं परिवार के स्वामित्व वाली कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन की बात करें तो वह भी बढ़ा है।
बीते साल यह 6.5 बिलियन डॉलर था जो अब बढ़कर 7.6 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है।
एशिया में चीन और भारत ही परिवार के प्रभुत्व वाले बिजनेस के मामले में सबसे आगे हैं। चीन में ऐसी औसतन कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 8.7 बिलिय डॉलर है, भारत में यह आंकड़ा 7.6 बिलियन डॉलर है। भारतीय और चीनी परिवारों ने इस मामले में सफलता की कई मिसालें कायम की हैं।
रिसर्च में पाया गया है कि ये कंपनियां चाहे बड़ी हों या फिर छोटी हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। साथ ही ये कंपनियां विकास और रिसर्च में भी ज्यादा निवेश कर रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक चीन, भारत और इंडोनेशिया में पारिवार के स्वामित्व वाली कंपनियां अधिक तेजी से आगे बढ़ रही हैं। वहीं एशिया में परिवार के स्वामित्व वाली टॉप 30 कंपनियों में से 50 फीसदी भारत की हैं।
इन भारतीय कंपनियों के राजस्व में साल 2006 के बाद से 18 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह भी माना जाता है कि परिवार के स्वामित्व वाली कंपनियां इसलिए भी बेहतर प्रदर्शन करती हैं क्योंकि इसमें शामिल लोगों की अपने काम में भागीदारी अधिक होती है।
रिपोर्ट के मुताबिक 2006 से ही परिवार के स्वामित्व वाली कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन करने के मामले में जर्मनी, इटली, चीन और भारत के नाम शामिल थे।