Sudan: गृहयुद्ध के बीच क्या बिगड़ेंगे भारत से रिश्ते? सूडान के राजदूत ने दिया ये जबाव
सूडान के राजदूत ने कहा कि विद्रोही पक्ष की ओर से सीजफायर का अभी भी उल्लंघन हो रहा है। हालांकि निकासी का काम जारी है। उन्होंने कहा कि कल भारतीय नागरिकों की निकासी शुरू हो गई थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सूडान में सेना और अर्द्धसैनिक बलों के बीच चल रहा संघर्ष फिलहाल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में भारत ने सूडान में फंसे अपने नागरिकों की सकुशल वापसी की कवायद शुरू कर दी है। भारत में सूडान के राजदूत अब्दुल्ला ओमर बशीर अलहुसैन ने साफ कर दिया है कि भारत और सूडान के संबंधों का इसपर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि भारत के साथ ही सभी देश अपने-अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सीजफायर का लाभ उठा रहे हैं।
सूडान के राजदूत ने कहा कि विद्रोही पक्ष की ओर से सीजफायर का अभी भी उल्लंघन हो रहा है। हालांकि निकासी का काम जारी है। उन्होंने कहा कि कल भारतीय नागरिकों की निकासी शुरू हो गई थी। भारतीयों की निकासी के लिए ऑपरेशन कावेरी चल रहा है। इस अभियान के तहत पहला जत्था पोर्ट सूडान से जेद्दा के लिए रवाना हुआ था।
बता दें, सूडान में करीब तीन हजार भारतीय लोग रहते हैं। उनमें से कुछ पर्यटक हैं और कुछ वहां काम करते हैं। अभी तक करीब 300 से 500 भारतीयों को सुरक्षित वापस बुला लिया गया है।
अलहुसैन से जब पूछा गया कि क्या इस संघर्ष का प्रभाव भारत के साथ संबंधों पर पड़ेगा तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल नहीं। ऐसा निश्चित रूप से नहीं होगा। वहीं, सूडान के राजदूत ने बताया कि भारत ही नहीं बल्कि अधिकतर देश अपने लोगों को बाहर निकालने में लग गई है। साथ ही कई देशों ने शांति बहाल करने के लिए सूडान में युद्धरत पक्षों के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश की है।