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भाजपा और शिवसेना के बीच रिश्तों में खटास की जड़ रहा है आरे का जंगल
Sun, 11 Oct 2020 11:06 PM IST
गौरव पाण्डेय
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 11 Oct 2020 11:06 PM IST
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भाजपा-शिवसेना (सांकेतिक)
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देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में रात के अंधेरे में 2141 पेड़ काट दिए जाने के एक साल बाद राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार ने आरे मिल्क कॉलोनी से मेट्रो कारशेड कांजुरमार्ग स्थानांतरित कर दिया है। इससे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। एक तो अपना वादा पूरा कर लिया और दूसरा, भाजपा को पटखनी भी दे दी। आरे में मेट्रो कारशेड का मुद्दा दो भगवाधारी पार्टियों भाजपा और शिवसेना के रिश्तों में खटास की मुख्य जड़ रही है।
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संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान की परिधि में आने वाला आरे का जंगल मुंबई के लिए प्राणवायु भी कहा जाता है। मुख्यमंत्री ठाकरे ने आरे कालोनी में 800 एकड़ भूमि को वनक्षेत्र घोषित किया है। यह दुनिया का एकमात्र उद्यान है जो महानगर के मध्य में स्थित है। यहां 45 से अधिक तेंदुए मौजूद हैं, जिससे इसे दुनिया में सबसे ज्यादा तेंदुए के घनत्व वाले जंगल के रूप में जाना जाता है। पिछले साल 4-5 अक्तूबर 2019 को आरे में रात के अंधेरे में 2141 पेड़ काटे गए थे और उसके बाद वहां मेट्रो कारशेड बनाने का काम शुरू कर दिया गया था।
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आरे के जंगल में मेट्रो कारशेड बनाने की योजना तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की थी। जिसका शिवसेना ने साफतौर पर विरोध किया था। उस समय शिवसेना के अलावा शरद पवार की पार्टी एनसीपी और आम आदमी पार्टी के लोग इसके विरोध में एकजुट हो गए थे। कई स्वयंसेवी संस्थाओं,पर्यावरणविदों और सेलिब्रिटीज ने इसके खिलाफ चिपको आंदोलन तक किया था। जिसमें 29 लोग गिरफ्तार हुए थे। उसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
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शिवसेना ने बनाया था आरे को चुनावी मुद्दा
गतवर्ष हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना ने भले ही मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन आरे को लेकर दोनो में साफतौर पर मतभेद सामने आए थे। उस समय शिवसेना ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया था। चुनाव के बाद खंडित जनादेश आया। शिवसेना ने पलटी मार दी। विपक्षी दल एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सूबे में महाविकास आघाड़ी सरकार बनाई। शिवसेना के इस तिकड़म में भाजपा को जोर का झटका लगा। मुख्यमंत्री बनने के दूसरे दिन ही उद्धव ठाकरे ने मेट्रो कारशेड का काम रोक दिया।
मेट्रो परियोजना में पांच साल की देरी और 5000 करोड़ होंगे अतिरिक्त खर्च: भाजपा
मेट्रो कारशेड कांजुरमार्ग स्थानांतरित किए जाने पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा कि मेट्रो कारशेड आरे से कांजुरमार्ग स्थानांतरित किए जाने से परियोजना में पांच साल की देरी होगी और 5000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। वहीं, भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि मुख्यमंत्री जनता को गुमराह कर रहे हैं। कांजुरमार्ग की जिस जमीन पर मेट्रो कारशेड बनाने की घोषणा की है वह कानून पचड़े में है।