नोटबंदी के बाद जनधन खातों में जमा हुए 21 हजार करोड़
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500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने के बाद अभी तक जनधन खातों में कुल 21 हजार करोड़ रुपये जमा हुए हैं। सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जनधन खातों में सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में रुपये जमा हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी के फैसले के तहत 500 और 1000 रुपए के नोटों को अमान्य घोषित कर दिया था। उसके बाद से जनधन खातों में बताया जा रहा है कि अबतक 21000 करोड़ रुपए जमा हो चुके है। रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल और कर्नाटक के जनधन खातों में सबसे ज्यादा रकम जमा किए गए है। मोदी सरकार ने पूरे देश में 24 करोड़ लोगों को जनधन खातों द्वारा बैंक से जोड़ा गया है।
सरकार का कहना है कि जनधन खातों का दुरूपयोग पाये जाने पर खाताधारक के खिलाफ आयकर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी है और खाताधारकों को सचेत रहने को कहा है। सरकार ने नोटबंदी के तहत 500 और 1000 रुपये के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर कर दिया है। सरकार ने पुराने नोटों को जमा कराने के लिए 30 दिसंबर तक 50 दिन का समय दिया है। इस तरह की खबरें पहले भी आई थी कि लोग अपने कालेधन को सफेद करने के लिए दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
21,000 cr deposited in Jan Dhan accounts till now. Maximum from West Bengal and Karnataka: Govt sources
— ANI (@ANI_news) November 23, 2016
जनधन खातों में खूब बरसा धन
गुरुग्राम जिले में भी 3.66 लाख जनधन अकाउंट में अभी तक करोड़ों रुपये जमा हुए हैं। बैंक विजिलेंस अधिकारियों की मानें तो ऐसे कई खाते हैं, जिनमें 8 नवंबर तक महज 1 या 2 रुपये ही जमा थे, लेकिन अब इन खातों में 49,000 रुपये तक जमा हैं। ऐसे में शक होना लाजिमी है। फिलहाल बैंक अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
भारतीय रिजर्व बैंक भी हरेक बैंकों में होने वाले लेन देन का ब्योरा प्रतिदिन ले रहा है। बैंक अधिकारियों को संदेह है कि जनधन योजना के खाताधारकों को बिचौलिये इस्तेमाल कर रहे हैं या फिर अमीर लोग अपने धन को उनके खाते में इस्तेमाल कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीयकृत बैंकों के ग्रामीण इलाकों में कई ऐसे खाते चिह्नित किए गए हैं, जिनमें अचानक 50 हजार से लेकर सवा लाख रुपये तक जमा हो गए हैं। बैंक के विजिलेंस अधिकारी सभी खातों पर बारीक नजर बनाए हुए हैं। जिन खातों में अचानक 50 हजार या इससे अधिक का लेन-देन हुआ है, उनकी जानकारी केंद्र सरकार को भेजी जा रही है।
जनधन खातों के लिए चेकबुक और एटीएम कार्ड जारी करने पर रोक
रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने जनधन योजना के खाता धारकों को चेकबुक और एटीएम कार्ड (रुपे) जारी करने पर रोक लगा दी है। अब कोई भी बैंक जांच किए बिना जन धन खातेदारों को चेकबुक और रुपे कार्ड नहीं देगा। जो कार्ड पहले से जारी हैं उनको ब्लाक कर दिया गया है। दूसरी ओर आयकर विभाग ने विभिन्न बैंकों से 2000 से ज्यादा ऐसे जनधन खातों का ब्योरा जुटा लिया है, जिसमें नौ नवंबर से 50 हजार से अधिक रकम जमा की है।
ओरियंटल बैंक आफ कामर्स, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, भारतीय स्टेट बैंक आदि की कुछ शाखाओें से आयकर विभाग ने जनधन खातेदारों का ब्योरा मंगलवार को अपने कब्जे में ले लिया है। जानकारी के अनुसार करीब दो हजार से अधिक खातों में मानक से अधिक धनराशि जमा होने की पुष्टि हुई है। इन खातेदारों की जानकारी मिलने के बाद आयकर विभाग ने पड़ताल शुरू कर दिया है। संकेत मिले हैं कि आयकर विभाग की टीम इन खातेदारों की हैसियत का पता लगाने के साथ-साथ नोटिस जारी करने की तैयारी में है।