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अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट: मौत की सजा की पुष्टि के लिए गुजरात हाई कोर्ट ने 38 दोषियों को जारी किया नोटिस
Wed, 09 Mar 2022 08:57 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 09 Mar 2022 08:57 PM IST
सार
सीआरपीसी की धारा 366 के अनुसार, मौत की सजा को तब तक पूरा नहीं किया जाता है जब तक कि सत्र अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने की स्थिति में हाई कोर्ट द्वारा इसकी पुष्टि नहीं की जाती है।
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गुजरात हाईकोर्ट
- फोटो : social media
विस्तार
गुजरात हाई कोर्ट ने बुधवार को 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोट मामले में 38 दोषियों को सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत उनकी मौत की सजा की पुष्टि करने के लिए नोटिस जारी किया। न्यायमूर्ति सोनिया गोकानी और न्यायमूर्ति मौना एम भट्ट की खंडपीठ ने सभी 38 दोषियों को नोटिस जारी किया, जिन्हें 18 फरवरी को एक विशेष अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। एक विशेष अदालत ने 38 दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी और 11 अन्य को विस्फोटों के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस धमाके में 59 लोग मारे गए थे और 200 से अधिक घायल हुए थे।
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राज्य सरकार ने मौत की सजा पाने वाले दोषियों के लिए सीआरपीसी के तहत हाई कोर्ट में एक आपराधिक पुष्टि का मामला दायर किया था। सीआरपीसी की धारा 366 के अनुसार, मौत की सजा को तब तक पूरा नहीं किया जाता है जब तक कि सत्र अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने की स्थिति में हाई कोर्ट द्वारा इसकी पुष्टि नहीं की जाती है। साथ ही, सीआरपीसी की धारा 368 के अनुसार, हाई कोर्ट य सजा की पुष्टि नहीं कर सकता है या अपील करने की अनुमति की समय सीमा समाप्त होने से पहले व्यक्तियों को बरी नहीं कर सकता है, या अपील का निपटारा कर सकता है।
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लोक अभियोजक मितेश अमीन ने कहा कि अदालत ने 9 जून को वापस आने वाले 38 दोषियों को नोटिस जारी किया है। अदालत पुष्टिकरण मामले की सुनवाई तभी करेगी जब दोषी उस समय से पहले सजा के खिलाफ अपील नहीं करेंगे। उन्हें अपील दायर करने के लिए 90 दिनों की अनुमति है। 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद शहर के विभिन्न हिस्सों में 22 बम विस्फोट हुए थे। पुलिस ने दावा किया था कि प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के एक धड़े इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) से जुड़े लोग विस्फोटों में शामिल थे।
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