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सन 1971 के युद्ध वीरता प्रशस्ति पत्र नष्ट हुए, आरटीआई में हुआ खुलासा
Thu, 07 Mar 2019 05:53 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Thu, 07 Mar 2019 05:53 AM IST
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वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में सेना की 10 पैराशूट बटालियन (स्पेशल फोर्स) को मिले युद्ध वीरता पुरस्कार के प्रशंसा पत्र नष्ट हो गए हैं। सेना की इस यूनिट ने एक आरटीआई के जवाब में इसकी जानकारी दी है। ‘डेजर्ट स्कॉरपिअंस’ के नाम से मशहूर 10 पैराशूट बटालियन की स्थापना 1967 में 9 पारा यूनिट से अलग कर के की गई थी और इसे चार साल बाद ही 71 में पहली बार युद्ध में उतरने का अवसर मिला था। उल्लेखनीय है कि सन 1971 के युद्ध में भारत की शानदार जीत हुई थी। उसी युद्ध में पाकिस्तान से बांग्लादेश अलग हुआ था।
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उस युद्ध में इस बटालियन के नायकों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया था। साथ ही इस यूनिट का नेतृत्व करने वाले जयपुर के महाराजा उर्फ टाइगर ब्रिगेडियर सवाई भवानी सिंह को महावीर चक्र दिया गया था। सूचना आयुक्त दिव्य प्रकाश सिन्हा ने अपने आदेश में कहा कि आरटीआई में इन युद्ध नायकों के बारे में जानकारी मांगी गई थी।
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सीपीआईओ ने उनकी सूची तो दे दी, लेकिन प्रशस्ति पत्र सहित अन्य रिकॉर्ड नियम के मुताबिक नष्ट कर दिए गए हैं और इसलिए उपलब्ध नहीं हैं। आवेदक ने कहा कि प्रशस्ति पत्र की जानकारी के बिना खाली सूची का कोई अर्थ नहीं है। प्रशस्ति पत्र में युद्ध के दौरान जवानों के शौर्य प्रदर्शन की गाथा लिखी होती है।
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सीपीआईओ के रवैये पर आयोग ने जताया कड़ा एतराज
दो सुनवाई में सीपीआईओ के सीआईसी के समक्ष उपस्थित न होने पर आयोग ने कड़ा एतराज जताया। आयोग ने कहा कि जवाब देने वाले कार्यालय ने आयोग के निर्देश की अवमानना की है। आयोग ने सीपीआईओ को निर्देश दिया है कि आवेदक को रक्षा सेवा नियमों की एक प्रति मुहैया करवाए, जिसके तहत रिकॉर्ड नष्ट किए जाते हैं।