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सुनंदा पुष्कर के शरीर पर चोटों के थे 15 निशान, दिल्ली पुलिस ने अदालत में दी दलील
Tue, 20 Aug 2019 10:15 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 20 Aug 2019 10:15 PM IST
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सुनंदा पुष्कर, शशि थरूर (फाइल फोटो)
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सुनंदा पुष्कर मौत मामले में मंगलवार को आरोपों पर बहस शुरू हो गई। दिल्ली पुलिस ने सुनंदा पुष्कर की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट, शशि थरूर व पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के बीच हुए पत्र व्यवहार व अन्य लोगों के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि मौत से पहले सुनंदा को प्रताड़ित किया गया था। इस मामले में कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक मात्र आरोपी हैं। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
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राउज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहार के समक्ष दिल्ली पुलिस के वकील अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि सुनंदा की पोस्ट मोर्टम रिपेर्ट के मुताबिक उसके शरीर पर छोटे बड़े चोटों के 15 निशान थे। यह निशान एक दिन से ज्यादा पुराने थे। उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि सुनंदा के साथ थरूर के साथ संबंध ठीक नहीं थे और उसका व्यवहार भी ठीक नहीं था।
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इतना ही नहीं थरूर के पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के साथ भी कथित रूप से संबंध थे। इन दोनों के बीच पत्र लिखे जा रहे थे जिनमें प्यार भरी बातों का इस्तेमाल किया जाता था। इस तरह ये सुनंदा के लिए मानसिक प्रताड़ना थी। इसके लिए अभियोजन ने पत्रकार नलिनी सिंह, सुनंदा के दोस्त सुनील टाकुर, डॉ. रेनू दास व नारायण के बयानों का जिक्र किया।
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दूसरी ओर अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने जिरह करते हुए कहा था कि अभियोजन ने उनके केस की कोई जानकारी किसी से साझा नहीं की है। इसके अलावा वह केस में किसी से भी विचार विमर्श कर सकता है। ऐसा करने से अदालत भी अभियोजन पक्ष को नहीं रोक सकती। बचाव पक्ष ने इन पत्रों को अदालत में पढ़ने पर आपत्ति जाहिर की।
इसके बाद कोर्ट ने इन पर बाद में विचार करने के लिए कहा। अदालत ने गवाहों के बयानों को सही तरह से सूचीबद्घ न करने पर अभियोजन को पूरी तैयारी के साथ आने के लिए कहते हुए सुनवाई अगली तारीख तक स्थगित कर दी। दिल्ली पुलिस ने सुनंदा पुष्कर मौत मामले में शशि थरूर के खिलाफ 14 मई 2018 को दहेज प्रताड़ना व खुदकुशी के लिए उकसाने की धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया था।
इस आरोप पत्र में कहा गया था कि सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध हालात में 17 जनवरी 2014 को होटल लीला पैलेस में मौत हो गई थी। पुलिस ने इसके एक साल बाद 2015 में एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने करीब साढ़े तीन साल की जांच के बाद शशि थरूर के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।