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चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण की योजना आई सामने, 104 किलोमीटर में होंगे 104 स्टेशन

Tue, 02 Aug 2016 02:10 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 02 Aug 2016 02:10 PM IST
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104 stations in 104 km, Unveiling Phase II of Metro
चेन्नई मेट्रो विस्तार के दूसरे चरण की योजना तैयार हो गई है, जल्द ही इसे राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस दूसरे चरण में 104.5 किलोमीटर लंबी मेट्रो रेल लाइन बिछाई जाएगी जिसमें 104 मेट्रो स्टेशन होंगे।
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मेट्रो निमार्ण करने वाली कंपनी राइट्स के अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो विस्तार परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट लगभग बनकर तैयार है और वे इसे सितंबर में राज्य सरकार की मंजूरी के लिए सोंप देंगे। चेन्नई मेट्रो के पहले चरण के निर्माण में छह साल का वक्त लगा था।
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एक अधिकारी ने बताया, 'सर्वे के दौरान यातायात रोकने संबंधी अनुमति मिलने में देरी और कई इलाकों में स्थानीय लोग का सर्वे के दौरान विरोध के चलते योजना की विस्तृत रिपोर्ट बनाने में वक्त लगा। अगर चेन्नई मेट्रो रेल और राज्य सरकार को इसमें कुछ बदलाव करना हुआ तो योजना में मामूली परिवर्तन भी हो सकता है।'
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400 से 500 करोड़ प्रति किलोमीटर आएगी लागत

104 stations in 104 km, Unveiling Phase II of Metro
इस दूसरे चरण में तीन मेट्रो कोरिडोर होंगे, जिनमें कंदनचावड़ी बस स्टैंड से सिपकॉट स्टेशन तक छोड़कर शेष सभी मेट्रो कोरिडोर भूमिगत होंगे। राइट्स कंपनी के अधिकारी ने बताया कि कंदनचावड़ी बस स्टैंड से सिपकॉट स्टेशन तक के हिस्से को छोड़कर कहीं भी सडकें इतनी चौड़ी नहीं थी कि उनके ऊपर मेट्रो का मिर्माण कार्य किया जा सके।

चेन्नई मेट्रो रेल के एक अधिकारी ने बताया कि मेट्रो के तीनों कोरिडोर के ज्यादातर हिस्से भूमिगत होने के चलते इस परियोजना की लागत पर भी असर आएगा। पहले यह परियोजना 44,000 करोड़ की थी।

उन्होंने बताया कि जहां पर मेट्रो जमान के ऊपर है वहां पर इसकी लागत 150 से 250 करोड़ प्रति किलोमीटर आएगी, लेकिन जहां पर यह भूमिगत है वहां पर इसकी लागत करीब 400 से 500 करोड़ प्रति किलोमीटर के बीच आएगी। इस परियोजना में जापान की एक कंपनी भी निवेश कर रही है।

इस लंबे-चौड़े मेट्रो रेल की रखरखाव के लिए माधवराम मिल्क कालोनी के पास एक बड़े डिपो का भी निर्माण करवाया जाएगा। मेट्रो रेल के एक अधिकारी ने बताया कि अगर जरुरत पड़ी तो और भी डिपो का निर्माण करवाया जाएगा।
 
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