फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   parking problem in solan

शहर की पार्किंग समस्या पर गंभीर नहीं सरकार

Wed, 09 Mar 2016 10:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन Updated Wed, 09 Mar 2016 10:44 PM IST
विज्ञापन
parking problem in solan
सोलन में पाऱ्र्क‌िंग द‌िकक्त - फोटो : amar ujala

विज्ञापन
शहरवासी यह सोच रहे हैं कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी और जाम जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी। लेकिन फिलहाल इस समस्या का समाधान होना मुश्किल नजर आता है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जाम और पार्किंग जैसी विकराल समस्या से निजात दिलवाने वाले दो बड़े प्रोजेक्ट अधर में लटक गए हैं।
20 करोड़ के दो प्रोजेक्ट 14 सालों से अटके पड़े हैं। प्रस्तावों की डीपीआर तैयार है। कवायद शुरू होती है, तेज भी होती है, लेकिन तब तक पांच साल का समय हो जाता है और सरकार बदल जाती है। अब लोगों ने इन प्रोजेक्टों को पूरा करने की मांग शुरू कर दी है। हालांकि हर वार्ड में पार्किंग का प्रावधान किया जा रहा है। लेकिन सोलन में फ्लोटिंग पापुलेशन के लिए पार्किंग व्यवस्था न के बराबर है।
विज्ञापन


प्रस्ताव नंबर एक
रेलवे लाइन के नजदीक बननी थी बहुमंजिला पार्किंग
वर्ष 2000 में तैयार प्रस्ताव में रेलवे लाइन के पास स्थित जमीन पर बहुमंजिला पार्किंग और दुकानें बनाई जानी थीं। इसमें करीब 200 से अधिक कारों की पार्किंग और 44 दुकानें प्रस्तावित की गईं। इसके लिए नगर परिषद ने 2.50 करोड़ का बजट तैयार किया। लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से बजट का प्रावधान न होने से यह विकास कार्य अटका हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रस्ताव नंबर दो
ओल्ड बस स्टैंड स्थित था पार्किंग का प्रपोजल
नगर परिषद का ओल्ड बस स्टैंड में करीब 11 करोड़ की लागत से बहुमंजिला पार्किंग बनाने का प्रस्ताव भी था। लेकिन यह भी बजट न होने से अधर में लटक गया। तीन मंजिला मल्टीपर्पज भवन में 156 गाड़ियों के लिए पार्किंग और दुकानें बननी थीं। लेकिन भवन स्थल पर सेना की जमीन के चलते इस मल्टीपर्पज भवन का कार्य भी अटका पड़ा है।

प्रयास जारी हैं : पवन गुप्ता
नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने बताया कि बीओटी के तहत रेलवे लाइन के नजदीक बनने वाली बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण कार्य किया जाना था। लेकिन किसी भी कंपनी के सामने नहीं आने से यह कार्य शुरू नहीं हो सका। ओल्ड बस स्टैंड स्थित मल्टीपर्पज भवन के लिए सेना से जमीन ले ली थी। लेकिन कांग्रेस सरकार इसे पूरा नहीं कर सकी है। मंत्री के स्वयं रिटायर्ड सैन्य अधिकारी होने के बावजूद नगर परिषद के प्रोजेेक्ट ज्यों के  त्यों खड़े हैं।


शहर में जाम से मिलनी थी निजात
यदि शहर में यह दोनों मल्टीप्लेक्स भवन बनने से शहर में एक झटके से पार्किंग और रोजाना लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिलनी थी। पार्किंग स्थल न होने से गाड़ियां बेतरतीब ढंग से पार्क होती हैं। इससे अक्सर जाम लगता रहता है। वहीं एनएच के साथ लगने से चंडीगढ़ से शिमला जाने वाले कई छोटे वाहन सोलन शहर होकर ही शिमला जाते हैं। इसके चलते सुबह से शाम तक शहर में ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed