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Gujarat Election: पहले चरण का चुनाव BJP के लिए क्यों बना प्रतिष्ठा का सवाल, कम मार्जिन वाली सीटें बनी टेंशन

Thu, 01 Dec 2022 08:09 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 01 Dec 2022 08:09 PM IST
सार

Gujarat Election: 2012 और 2017 के चुनावों नतीजों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि 2017 में सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में पांच फीसदी से कम मार्जिन वाली 20 सीटें थीं। जिसमें से कांग्रेस को 12 और भाजपा को 8 सीटें मिली थीं। वहीं, 2 फीसदी कम मार्जिन वाली 11 सीटें थीं...

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Gujarat Election: first phase election became prestige issue for BJP, seats with low margin became tension
Gujarat Election Voting - फोटो : ANI

विस्तार

गुजरात विधानसभा की पहले चरण की 89 सीटों पर गुरुवार को मतदान संपन्न हो गया। यह चुनाव सत्ताधारी भाजपा के लिए प्रतिष्ठा सवाल बना हुआ है। क्योंकि कम मार्जिन वाली सीटें पार्टी के लिए परेशानी बनी हुई हैं। जबकि कांग्रेस पार्टी अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराना के लिए मैदान में डटी हुई है। वहीं गुजरात में पहली बार मैदान में उतरी आम आदमी पार्टी भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद लगाए बैठे हुए है।

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2012 और 2017 के चुनावों नतीजों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि 2017 में सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में पांच फीसदी से कम मार्जिन वाली 20 सीटें थीं। जिसमें से कांग्रेस को 12 और भाजपा को 8 सीटें मिली थीं। वहीं, 2 फीसदी कम मार्जिन वाली 11 सीटें थीं। जबकि 2 से 5 फीसदी मार्जिन वाली 9 सीटें थीं। इसी तरह 2012 में सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में 5 फीसदी से कम के अंतर वाली 18 सीटें थीं। यहां कांग्रेस को 11 और भाजपा को 7 सीटें हासिल हुई थीं। 2 फीसदी से कम मार्जिन वाली 8 सीटें थीं। जबकि 2 से 5 फीसदी के मार्जिन वाली 10 सीटें थीं।

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पहले चरण की 89 सीटों पर 2012 में 73.52 फीसदी और 2017 में 68.33 वोटिंग हुई थी। 2017 में सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में भाजपा को 43.67 फीसदी और कांग्रेस को 37.22 फीसदी वोट मिले थे। 2002 से इस क्षेत्र की अंकलेश्वर, चौर्यासी, गणदेवी, जलापुर, कामरेज, नवसारी, ओलपाड और मांगरोल विधानसभा सीटे भाजपा का गढ़ बनी हुई है। जबकि 2002 से व्यारा, धरमपुर, मांडवी और रापर सीटों पर कांग्रेस का दबदबा कायम है।

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2012 के विधानसभा चुनाव के मौजूद परिणाम से 2022 के पहले चरण की सीटों के विश्लेषण से पता चलता है कि पहले चरण की 89 सीटों में से भाजपा के पास कुल 63 सीटें हैं। जबकि कांग्रेस के पास 23 और अन्य दलों के पास 3 सीटे हैं। इनमें से सौराष्ट्र कच्छ में भाजपा 35 सीटों पर कब्जा है। जबकि दक्षिण गुजरात में 28 सीटें हैं। इसी तरह कांग्रेस के पास सौराष्ट्र कच्छ में 17 और दक्षिण गुजरात में 3 सीटें हैं।

जबकि 2017 के चुनाव परिणाम के विश्लेषण से पता चलता है कि इन 89 सीटों में भाजपा के पास 48 और कांग्रेस के पास 38 सीटें हैं। वहीं अन्य दलों के पास 3 सीटें हैं। इनमें से सौराष्ट्र कच्छ में भाजपा 23 सीटों पर कब्जा है। जबकि दक्षिण गुजरात में 25 सीटें हैं। इसी तरह कांग्रेस के पास सौराष्ट्र कच्छ में 30 और दक्षिण गुजरात में 8 सीटें हैं।

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