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Hindi News ›   Fact Check ›   Wrong video viral by calling it a terrorist attack in Sunjwan Jammu and Kashmir

Fact Check: जम्मू कश्मीर में आतंकी हमला बताकर गलत वीडियो को किया जा रहा वायरल, पड़ताल में जानें सच्चाई

Mon, 09 Sep 2024 08:55 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Mon, 09 Sep 2024 08:55 PM IST
सार

Fact Check:सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो वायरल है। इस वीडियो के जरिए ये दावा किया जा रहा है कि वीडियो जम्मू कश्मीर में हुए आतंकी हमले का है। 

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Wrong video viral by calling it a terrorist attack in Sunjwan Jammu and Kashmir
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में काला धुआं ऊपर की ओर उठता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो को देख कर ऐसा लग रहा है कि कहीं बहुत भयानक आग लगी है। 
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क्या है दावा 
वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो सुंजवां का है जहां भारतीय सेना की 36वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के शिविर पर हमला हुआ। ये भी कहा जा रहा है कि इस पूरे हमले में 12 भारतीय सैनिक मारे गए। 
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कश्मीर इंग्लिश (@KashmirEng) नाम के एक एक्स अकाउंट से वीडियो शेयर करते हुए लिखा गाया “कश्मीरी स्वतंत्रता सेनानियों ने जम्मू, IIOJK के सुंजवां में भारतीय सेना के 36वें इन्फैंट्री ब्रिगेड कैंप पर हमला किया है। रिपोर्टों से पता चलता है कि इस ऑपरेशन के परिणामस्वरूप 12 भारतीय सैनिक मारे गए और कैंप के भीतर काफी तबाही हुई।” 
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PSYWAR ब्यूरो (@PSYWAROPS) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “कश्मीरी  स्वतंत्रता सेनानियों ने कथित तौर पर भारतीय सेना के 36वें इन्फैंट्री ब्रिगेड कैंप पर एक साहसिक और रणनीतिक हमला किया।"

पड़ताल 
दावे से जुड़े हुए कई कीवर्ड जैसे 'सुंजवां ', '36वें इन्फैंट्री ब्रिगेड कैंप' सर्च करने पर इससे जुड़ी कई खबरें मिलीं। इस खबर के बारे में ज्यादा जानने के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें पता चला कि ऐसी एक घटना 2 सितंबर 2024 को जम्मू में सुंजवां सैन्य अड्डे पर हुई थी। लेकिन इस हमले में किसी भी जवान के मारे जाने की खबर नहीं थी। वहां से इस तरह का कोई वीडियो भी सामने नहीं आया था। 

इस पर पीआईबी का बयान भी हमें एक्स पर मिला। पीआईबी के मुताबिक इस तरह की कोई घटना हाल फिलहाल में नहीं हुई है और वायरल हो रहा वीडियो पुराना है। इसका जम्मू कशमीर में हुए हमले से कोई संबंध नहीं है। 

पड़ताल की नतीजा
हमारी पड़ताल में ये दावा भ्रामक साबित हुआ। पीआईबी के मुताबिक वीडियो पुराना है और गलत संदर्भ में शेयर किया जा रहा है। 
 
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