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Hindi News ›   Fact Check ›   video of the mock drill in Lucknow falsely shared as a railway accident

Fact Check:लखनऊ में हुए मॉक ड्रिल के वीडियो को रेल हादसा बताकर गलत तरीके से किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल

Wed, 01 Jan 2025 05:15 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Wed, 01 Jan 2025 05:15 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर ट्रेन में आग लगने का एक वीडियो वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में रेल हादसा हो गया है। PTI ने अपनी पड़ताल में दावे को गलत पाया है। 

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video of the mock drill in Lucknow falsely shared as a railway accident
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक ट्रेन के डिरेल होने और उसमें आग लगने का वीडियो  शेयर किया जा रहा है, यूजर्स वीडियो को शेयर कर यह दावा कर रहे हैं कि लखनऊ में एक ट्रेन में भीषण आग लग गई, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई।

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पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वीडियो के साथ किया गया दावा फर्जी निकला। जांच में पता चला कि यह वीडियो असल नहीं है, बल्कि 20-12-2024 को लखनऊ में हुई मॉक ड्रिल का है।

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दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘फेसबुक’ पर एक यूजर ने 27 दिसंबर को एक वीडियो पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “राजधानी लखनऊ में बड़ा ट्रेन हादसा सुबह 3 बजे 26-12-2024 लाखों लोंगो मौत हो गई घायल भी हो गए” पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

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वहीं, समान दावे के साथ एक अन्य यूजर ने भी एक्स (ट्विटर) पर 28 दिसंबर को एक वीडियो पोस्ट किया है। पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

 

पड़ताल

दावे का सच जानने के लिए डेस्क ने वायरल वीडियो के ‘की-फ्रेम्स’ को रिवर्स इमेज सर्च किया, जहां पीटीआई को 20 दिसंबर 2024 को दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में वायरल वीडियो का विजुअल मौजूद था। रिपोर्ट के शीर्षक में बताया गया है, “लखनऊ के आलमबाग रेलवे स्टेशन पर मॉक ड्रिल:2 ट्रेनों की टक्कर की सूचना पर पहुंचे अधिकारी, रेस्क्यू ऑपरेशन का रिहर्सल किया” रिपोर्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

 

रिपोर्ट में बताया गया है,  “लखनऊ आलमबाग यार्ड पर एक दुर्घटना मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया था।" रिपोर्ट में DRM एसएन शर्मा का बयान भी मौजूद है।

हमने पड़ताल को आगे बढ़ाया जहां पीटीआई को 20 दिसंबर 2024 को ‘Newstrack’ पर प्रकाशित एक और रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में समान दावे के साथ खबर प्रकाशित थी।  रिपोर्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

 

मॉक ड्रिल की एक प्रकार की ट्रेनिंग होती है, जिसमें किसी आपातकालीन स्थिति या दुर्घटना के दौरान कैसे कदम उठाएं उसकी  ट्रेनिंग दी जाती है। मॉक ड्रिल का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना होता है कि सभी कर्मचारी, टीम सदस्य या लोग आपातकालीन परिस्थितियों में अपनी भूमिका को सही तरीके से निभा सकें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हों।

पड़ताल का नतीजा 
हमने अपनी पड़ताल में पाया कि 26 दिसंबर 2024 को लखनऊ में कोई रेल हादसा नहीं हुआ था। असल में, 20 दिसंबर 2024 को हुई रेलवे की मॉक ड्रिल के वीडियो को यूजर्स गलत दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।

(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)
 

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