Fact Check: नेपाल में प्रदर्शन के वीडियो को लद्दाख का बताकर किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर तोड़फोड़ का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो को लद्दाख हिंसा का बातकर शेयर किया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह वीडियो नेपाल का निकला है।
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विस्तार
लद्दाख में राज्य का दर्जा और भारतीय संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ। इसमें लद्दाख में भाजपा कार्यालय को जला दिया गया। पुलिस और प्रदर्शकारियों की हिंसक झड़प में चार लोगों की मौत हो गई। इसके बाद आंदोलनकारियों के प्रमुख कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर जेल भेज दिया गया। इस बीच अब एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में प्रदर्शनकारी संपत्तियों को नुकसान करते हुए नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि 24 सितंबर 2025 को लद्दाख में प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और एक सरकारी इमारत पर कब्ज़ा कर लिया।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो नेपाल का है। इस वीडियो को लद्दाख का बताकर गलत दावा किया जा रहा है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि लद्दाख में प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और एक सरकारी इमारत पर कब्ज़ा कर लिया।
Mumtaaz.khan.9484 नाम के इंस्टाग्रामक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “ये नेपाल नहीं लद्दाख है, सरहदे बदली है संघर्ष नहीं*यहां के लोग 6000 जातियों में बंटने के बावजूद खुशी से रहते हैं अब जब संघर्ष का मौका आया तो एक जुट नजर आ रहे हैं क्योंकि यहां अंधभक्त चिंटूवो की पहुंच नहीं है*शुरुआत पहाड़ों से हुई है ??” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें 13 सितंबर 2025 का एक फेसबुक पोस्ट मिला। इस पोस्ट में वायरल वीडियो मौजूद था। इस वीडियो में बताया गया था कि वीडियो नेपाल का है। लद्दाख में प्रदर्शन की बात करें तो वह 24 सितंबर 2025 को हुआ था। लेकिन यह वीडियो इंटरनेट पर इससे पहले से मौजूद है।
इसके बाद हमने वायरल वीडियो में दिख रही इमारत को नेपाल के चितवन स्थित जिला प्रशासन कार्यालय में खोजा, गूगल मैप पर हमें वायरल वीडियो में दिख रही इमारत से बिल्कुल मेल खाती यह इमारत मिली। नीचे तुलना में आप देख सकते हैं।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि नेपाल के वीडियो को लद्दाख का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।