Fact Check: पुराना है दिल्ली पुलिस द्वारा प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने का वायरल वीडियो, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर प्रियंका गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो को अभी का बताकर शेयर किया जा रहा है। PTI ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की एक वीडियो क्लिप खूब शेयर हो रही है। करीब 30 सेकंड की इस क्लिप में कुछ महिला पुलिसकर्मी उन्हें हिरासत में लेती दिख रही हैं। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि हाल में पुलिस ने एक महिला सांसद के साथ बदसलूकी की है।
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल सोशल मीडिया पोस्ट भ्रामक निकला। जांच में पता चला कि यह वीडियो हाल फिलहाल का नहीं बल्कि अगस्त 2022 का है। उस समय प्रियंका गांधी वाड्रा सांसद नहीं थीं। यूजर्स पुराने वीडियो को हाल का बताकर गलत दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।
क्या है दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ पर एक यूजर ने 14 जनवरी को वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “जिस तरह एक महिला सांसद पूर्व प्रधानमंत्री की बेटी के साथ अभद्रता की गई है पुलिस के द्वारा देश के लिए शर्म की बात है, बीजेपी के लिए गर्व की बात हों सकतीं हैं, लेकिन याद रहे लोकतंत्र संविधान यह नहीं कहता की, ‘महिला सांसद प्रियंका गांधी’ के साथ हिटलरशाही जैसा व्यवहार करें” पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक अन्य यूजर ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया। इस वीडियो को अब तक 650k से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और हजारों यूजर्स इसे हाल का वीडियो मानकर लाइक, कमेंट और शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
पड़ताल
दावे की पुष्टि के लिये डेस्क ने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। इसमें हाल-फिलहाल में पुलिस द्वारा प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने से जुड़ी ऐसी कोई खबर नहीं मिली।
जांच को आगे बढ़ाते हुए डेस्क ने वीडियो के 'की-फ्रेम्स' को गूगल लेंस के जरिए रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें यह वीडियो ‘आज तक’ के यूट्यूब चैनल पर मिला। इस वीडियो को 5 अगस्त 2022 को चैनल पर अपलोड किया गया था। पूरा वीडियो यहां क्लिक कर देखें।
डेस्क ने वायरल वीडियो और मूल वीडियो की तुलना भी की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यूजर्स 2022 के इसी वीडियो को अभी का बताकर शेयर कर रहे हैं। तुलना का स्क्रीनशॉट यहां देखें।
इसी आधार पर संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च करने पर डेस्क को अगस्त 2022 में प्रकाशित कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं, जिसमें बताया गया कि बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस नेताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रियंका गांधी, राहुल गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया था।
‘नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर 5 अगस्त 2022 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय कांग्रेस पार्टी महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही थी, जिसके तहत कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्यों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की प्रधानमंत्री आवास का 'घेराव' करने की योजना थी। पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता इसी योजना के तहत कांग्रेस मुख्यालय में एकत्र हुए थे।
रिपोर्ट में बताया गया था कि उस समय कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी प्रधानमंत्री आवास के घेराव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ‘24 अकबर रोड’ स्थित कांग्रेस मुख्यालय पहुंचीं थी, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। बताया गया कि हिरासत में लिए जाने से पहले वह कुछ देर तक सड़क पर ही धरने पर बैठ गई थी। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
उस समय प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने की खबर को ‘NDTV’ और ‘इंडिया टीवी’ समेत कई मीडिया आउटलेट्स ने कवर किया था। इससे जुड़ी रिपोर्ट यहां और यहां क्लिक कर देखें।
केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में प्रियंका गांधी करीब 4.10 लाख वोटों से जीतकर संसद पहुंचीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी इसी सीट से चुनाव जीते थे, लेकिन रायबरेली से चुनाव जीतने के बाद उन्होंने वायनाड सीट से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद प्रियंका गांधी इस सीट से उपचुनाव में उतरी थी। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
पड़ताल का नतीजा
हमारी अब तक की पड़ताल से यह साफ है कि यह वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं बल्कि अगस्त 2022 का है। उस समय प्रियंका गांधी सांसद नहीं थी। यूजर्स, पुराने वीडियो को हाल का बताकर इसे गलत दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।
(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)